Banda: टीएसी जांच में PWD का व्यापक पैमाने पर भ्रष्टाचार उजागर, आयुक्त ने मुख्य अभियंता को 12 लाख की रिकवरी का दिया निर्देश
बांदा में टीएसी जांच में पीडब्ल्यूडी का व्यापक पैमाने पर भ्रष्टाचार उजागर हुआ।
बांदा में टीएसी जांच में पीडब्ल्यूडी का व्यापक पैमाने पर भ्रष्टाचार उजागर हुआ। इस पर आयुक्त ने मुख्य अभियंता को 12 लाख की रिकवरी के निर्देश दिए। दोषी अधिशाषी अभियंता के खिलाफ विभागीय कार्यवाही की भी संस्तुति की।
बांदा, अमृत विचार। छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष सुशील त्रिवेदी द्वारा बांदा-हमीरपुर मार्ग के मरौली सम्पर्क मार्ग के कार्य में प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग के व्यापक पैमाने पर भ्रष्टाचार की शिकायत पर आयुक्त चित्रकूटधाम मंडल ने मुख्य अभियंता लोक निर्माण विभाग को निर्देशित किया है कि प्राविधिक परीक्षक मण्डलीय तकनीकी सम्परीक्षा प्रकोष्ठ चित्रकूटधाम मण्डल से जांच कराई गयी।
प्राविधिक परीक्षक मण्डलीय तकनीकी सम्परीक्षा प्रकोष्ठ चित्रकूटधाम मण्डल द्वारा उपलब्ध कराई गयी प्रान्तीय खण्ड लोक निर्माण विभाग द्वारा निर्मित कराये गये मरौली सम्पर्क मार्ग पर अपूर्ण एवं गुणवत्ताविहीन कार्य की जांच आख्या में पाई गई कमियों के क्रम में निर्देश दिये गये हैं कि कार्य अपूर्ण एवं मानक के अनुरूप न होने के कारण भुगतान विषयक बिल अस्वीकार कर दिया जाए।
पूर्व में भुगतान किये गये 12 लाख रुपये का भी कोई औचित्य नहीं था। इसलिए उसकी रिकवरी संबंधित ठेकेदार या उसकी ईएमडी से की जाए। इसके पर्यवेक्षणीय अधिकारी का दायित्व निर्धारित करते हुए उनके विरुद्ध विभागीय कार्यवाही की जाए।
बताते चलें कि छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष की शिकायत पर आयुक्त के निर्देश पर टीएसी द्वारा की गई थी। जांच में बांदा-हमीरपुर मार्ग के मरौली सम्पर्क मार्ग के कार्य में प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग का व्यापक पैमाने पर भ्रष्टाचार उजागर होने पर तत्कालीन आयुक्त आरपी सिंह ने मुख्य अभियंता लोक निर्माण विभाग चित्रकूटधाम मण्डल को पत्र लिखकर शिकायत में उल्लिखित बिंदुओं के परिप्रेक्ष्य में कार्य अपूर्ण एवं मानक के अनुरूप न होने के कारण भुगतान विषयक बिल अस्वीकार कर पूर्व में किए गए 12 लाख रुपये की रिकवरी संबंधित ठेकेदार अथवा धरोहर धनराशि से कराते हुए कार्य से संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों का दायित्व निर्धारित कर उनके विरुद्ध विभागीय कार्यवाही स्वीकृत करते हुए तत्काल आयुक्त कार्यालय को अवगत कराए जाने का निर्देश दिया है।
मरौली संपर्क मार्ग में 5 किलोमीटर लम्बाई में विशेष मरम्मत योजना के अंतर्गत लगभग 50 लाख रुपये की लागत से कार्य कराया जाना था, लेकिन बालू खदान होने से ट्रकों के आवागमन की आड़ लेकर बिना कार्य कराए ही तकरीबन 12 लाख रुपये का भुगतान करवा लिया गया था। इस भ्रष्टाचार को लेकर छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष सुशील त्रिवेदी ने धरना भी दिया, लेकिन निष्पक्ष जांच नहीं हुई।
इस पर पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष ने ग्रामीणों के साथ आयुक्त को ज्ञापन देकर निष्पक्ष जांच कराकर गबन किए गए धन की रिकवरी कराकर दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्यवाही की मांग की थी। छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष सुशील त्रिवेदी ने बताया कि लोक निर्माण विभाग चित्रकूटधाम मण्डल के मुख्य अभियंता कन्हैयालाल झा दोषी अधिकारियों को बचाने के उद्देश्य से कार्यवाही लंबित किए हुए हैं।
उन्होंने मांग की है कि धन का दुरुपयोग कर गबन करने वाले दोषी अधिकारी व कर्मचारी के विरुद्ध तत्काल अभियोग पंजीकृत कराते हुए गबन किए गए धन की रिकवरी की जाए। उनका आरोप है कि भ्रष्टाचार में संलिप्त अधिशाषी अभियंता राजाराम मथुरिया अपने भ्रष्टाचार में पर्दा डालने के उद्देश्य से उन पर फर्जी व मनगढंत अभियोग पंजीकृत कराना चाहता है।
