पीलीभीत: अब आईटीआई छात्र की हत्या के मुकदमे में लगी एफआर, जानिए क्या रही वजह?

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Edited By Amrit Vichar
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पीलीभीत, अमृत विचार। अखोला गांव के रहने वाले आईटीआई के छात्र अनुज की गोली मारकर हत्या नहीं हुई थी। परिवार की ही एक महिला से हुए विवाद के बाद खेत पर पहुंचकर छात्र ने खुद को गोली मारकर खुदकुशी कर ली थी। घटना के बाद परिवार की ओर से दर्ज कराई गई हत्या की रिपोर्ट में विवेचना पूरी कर पुलिस ने साक्ष्य एकत्र कर फाइनल रिपोर्ट लगा दी है। इस दौरान मुकदमे में की गई नामजदगी भी गलत पाई गई।

बता दें कि बीसलपुर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम अखोला निवासी  18 वर्षीय अनुज त्रिवेदी पुत्र स्वर्गीय भगवान शंकर बरेली जनपद के एक कॉलेज से आईटीआई कर रहा था। 17 अगस्त की सुबह वह खेत की तरफ गया था और कुछ देर बाद घायल हालत में मिला। उसे गोली लगी हुई थी। नजदीक में ही खेत पर तमंचा पड़ा था। घायल की इलाज के दौरान कुछ दिन बाद ही मौत हो गई थी।

मृतक के भाई अभिषेक की ओर से मिली तहरीर पर नामजद रिपोर्ट दर्ज की थी। जिसमें गांव के ही निवासी रमेश चंद्र के परिवार से उसकी पुरानी रंजिश को हत्या की वजह बताया गया था। आरोप था कि खेत पर पहले से मौजूद रमेश चंद्र, उसके दो बेटे शिवनेस और कुशलेस ने हत्या की है। परिजन का कहना था कि दोनों परिवारों में एक दशक से अधिक समय से रंजिश है।  

2009 में अनुज के पिता भगवान शंकर और चाचा हरिशंकर की भी हत्या की गई थी। नामजद किए गए आरोपियों को डबल मर्डर केस में 2011 में आजीवन कारावास की सजा भी सुनाई गई थी। करीब डेढ़ साल पहले ही पैरोल पर छूटकर आने की बात परिवार ने बताई थी। हालांकि यह भी कहा था कि घटना के बाद  से आरोपियों के परिवार गांव में नहीं रहते। पुलिस ने प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए विवेचना की। जिसके बाद मामला हत्या के बजाए खुदकुशी का निकला। पुलिस के अनुसार विवेचना के दौरान परिवार की एक महिला से हुए विवाद के बाद अनुज ने खुदकुशी की थी। इसके साक्ष्य भी एकत्र किए गए। जिसके बाद हत्या की दर्ज रिपोर्ट में फाइनल रिपोर्ट लगाई गई है।

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