बरेली: गांधीपुरम वार्ड में भी सफाई का काम एजेंसी को देने की तैयारी
निजी एजेंसी के वार्डों का हाल अच्छा न होने के बावजूद और वार्ड देने पर जोर
बरेली, अमृत विचार। जिन वार्डों में प्राइवेट एजेंसी सफाई करा रही है, उनका हाल अच्छा नहीं है लेकिन इसके बावजूद एक और वार्ड निजी हाथों में सौंपने की तैयारी की जा रही है। पिछले दिनों इस बारे में लिखापढ़ी हो गई थी लेकिन इस बीच एजेंसी के ब्लैकलिस्ट हो जाने से मामला फंस गया। अब दूसरे नंबर की बोली लगाने वाली एजेंसी से बात की जा रही है।
फिलहाल जिन दस वार्डों में सफाई की जिम्मेदारी निजी एजेंसी के हाथ में है, उनका हाल लगभग वैसा ही है जैसा उन 70 वार्डों का है जिनमें नगर निगम के सफाईकर्मी सफाई कर रहे हैं। नालियों की सिल्ट न निकाले जाने की समस्या सभी 80 वार्डों में है। हजियापुर, कटरा चांद खां, सहसवानी टोला समेत कुछ वार्डों में एजेंसी के काम से लोग संतुष्ट नहीं हैं, उन्हें यह शिकायत भी है कि उनके पार्षद भी ध्यान नहीं दे रहे। एजेंसी के कर्मचारी नालियों की कभी सफाई नहीं करते। उनकी सिल्ट निकालना तो दूर की बात है।
इसके बावजूद पिछले दिनों वार्ड 46 गांधीपुरम भी डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन करने वाली एजेंसी को दे दिया गया, लेकिन काम शुरू करने से पहले ही वह ब्लैकलिस्ट हो गई। कुछ दिन वार्ड में सफाई ही नहीं हुई, अब नगर निगम के कर्मचारी सफाई कर रहे हैं। इसके साथ यह भी कोशिश की जा रही है कि ब्लैकलिस्ट हुई एजेंसी के बाद दूसरे नंबर की बोली लगाने वाली एजेंसी को काम दे दिया जाए। हालांकि अभी कोई निर्णय नहीं हो पाया है।
झाड़ूू से सफाई के साथ नालियों में सिल्ट की सफाई और उसे उठाना सफाईकर्मियों की जिम्मेदारी है। जो वार्ड एजेंसी के पास हैं, उनमें सफाई निरीक्षक और सफाई नायक भी जाते इसलिए मनमानी चल रही है। - सुनील यादव, अपर नगर आयुक्त
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