उन्नाव में विवाद के बाद छोटे भाई ने लगाई फांसी, आहत बड़ा भाई भी फंदे से लटका
उन्नाव। उन्नाव के बिहार थानाक्षेत्र के पाटन कस्बा में मंगलवार सुबह दवा कारोबारी का शव उसके कमरे में फंदे से लटका मिला। शव देख बड़े भाई ने भी फांसी लगा जान देने का प्रयास किया। नौकर ने यह देख शोर मचाया और फंदा खोलकर उसे बचा लिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जांच कर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
बता दें कि विष्णू मिश्रा (45) पुत्र राम शंकर मूल रूप से लालपुर गांव के निवासी थे। मंगलवार सुबह पाटन कस्बा में अपनी मार्केट के ऊपर बने कमरे में उनका शव संदिग्ध परिस्थिति में फंदे से लटका मिला। दुकान की सफाई करवा रहे उसके बड़े भाई उमेश मिश्रा कमरे में पहुंचे तो छोटे भाई को फंदे से लटका देख आहत हो गए और नीचे आकर गैलरी में लगे कुंडे में फंदा बनाकर फांसी लगा ली।
वहां मौजूद नौकर की नजर पड़ी तो उसने शोर मचाया और फंदा खोलकर उमेश को बचा लिया। बताते हैं कि दवा कारोबार को लेकर भाइयों में मनमुटाव चल रहा था। दिवंगत विष्णु ने करीब दो साल पहले फार्मेसिस्ट की नौकरी छोड़ी थी और बड़े भाई के दवा व्यवसाय में हाथ बंटाता था। इधर कुछ दिनों से वह अलग व्यापार करने के लिए बड़े भाई उमेश की दुकान के सामने बनी दुकानों में फर्नीचर बनवा रहा था।
इसी बात को लेकर दोनो में मनमुटाव चल रहा था। दिवंगत की पत्नी प्रीती अपने दो बेटों अंशुल (15) व तनय (9) के साथ कानपुर में रहकर पढ़ाई करवा रही है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जांच कर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं मृतक के ससुरालीजन हत्या का आरोप लगा रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि मामला संदिग्ध देख बिसरा सुरक्षित किया गया है।
परिवार में चौथी आत्महत्या बनी चर्चा का विषय
दिवंगत विष्णु पांच भाई थे। दो भाइयों मुन्ना व दिनेश ने भी फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। दो साल पहले एक भतीजा भी फांसी लगाकर जान दे चुका है। परिवार में विष्णु द्वारा आत्महत्या की यह चौथी घटना है। इसे लेकर कस्बे में लोग तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं।
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