लखनऊ: रोडवेज के नये एमडी धीरज साहू के सामने कई चुनौतियां

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश रज्य सड़क परिवहन निगम का अतिरिक्त चार्ज पाने वाले नये एमडी धीरज साहू को रोडवेज की योजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए कई चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। इनमे सबसे बड़ी चुनौती तो यात्री सुविधाओं में इजाफा करना होगा। इसके अलावा क्रेडिट, डेबिट व अन्य कार्ड से रोडवेज टिकटों की …

लखनऊ। उत्तर प्रदेश रज्य सड़क परिवहन निगम का अतिरिक्त चार्ज पाने वाले नये एमडी धीरज साहू को रोडवेज की योजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए कई चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। इनमे सबसे बड़ी चुनौती तो यात्री सुविधाओं में इजाफा करना होगा।

इसके अलावा क्रेडिट, डेबिट व अन्य कार्ड से रोडवेज टिकटों की बिक्री योजना महत्वपूर्ण है। जिसे अमलीजामा पहनाना प्राथमिकता है। इसके साथ ही रोडवेज बसों में हाईटेक ईटीम मशीन व्यवस्था लागू करने समेत आगामी वर्षों में बस हादसे में 30 फीसदी की कमी लाना के साथ 13 बिंदुओं पर जांच के बाद रोडवेज बसों का सुचारू रूप से बेहतर संचालन कराना नये प्रबंध निदेशक के लिए बड़ी चुनौती है।

आईएएस डॉ. राजशेखर ने गुरुवार को परिवहन निगम के एमडी का चार्ज छोड़ दिया है। परिवहन निगम के नए एमडी वर्तमान में ट्रांसपोर्ट कमिश्नर धीरज साहू शुक्रवार को अतिरिक्त कार्यभार ग्रहण करेंगे। चार्ज लेने के बाद बतौर नए एमडी के सामने एक दो नहीं कई योजनाओं को लागू करने की चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा।

बस अड्डों पर यात्री सुविधाओं में इजाफा करने की चुनौती भी सामने होगी। फिलहाल यह विभाग नए एमडी के सामने नया नहीं है। इसके पहले भी वह यहां पर फरवरी 2019 से जुलाई 2019 तक एमडी की भूमिका निभा चुके हैं। उनके समय एक भयानक दुर्घटना भी हुई थी। लखनऊ से दिल्ली जा रही बस यमुना एक्सप्रेस के बैरियर को तोड़ कर नाले में जा गिरी थी। इसमें दो दर्जन से अधिक लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था।

इन योजनाओं को आगे बढ़ाने में लानी होगी तेजी
-परिवहन निगम में इलेक्ट्रिक बसों का अनुबंध कराना।
-पीपीपी मॉडल के तहत 23 बस अड्डों का निर्माण कराना।
-रोडवेज बसों में हाईटेक ईटीम मशीन व्यवस्था लागू करना।
-आगामी वर्षो में बस हादसे में 30 फीसदी की कमी लाना।
-डेविट, क्रेडिट व अन्य कार्ड से टिकटों की बिक्री योजना।
-13 बिंदुओं पर जांच के बाद बसों का संचालन कराना।
-बस चालक परिचालकों पर वर्दी और जूता लागू कराना।
-प्रदेश के 100 बस अड्डों पर शिशु देखभाल कक्ष खोलना।

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