शाहजहांपुर: डेंगू के डंक का कहर, महिला प्रधान समेत आठ की मौत
शाहजहांपुर, अमृत विचार। जिले में डेंगू का डंक कहर ढा रहा है। प्रतिदिन मरने वालों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है, वहीं अस्पतालों में भी भीड़ कम नहीं हो रही है। पुवायां में महिला प्रधान समेत पांच लोगों की मौत हो गई। वहीं कलान में भी दो लोगों ने दम तोड़ दिया। उधर, निगोही क्षेत्र में भी चार वर्षीय मासूम बच्ची की डेंगू बुखार की वजह से जान चली गई।
गांव इटौली निवासी अधिवक्ता रजनीश कुमार दीक्षित ने बताया कि उनके गांव के 70 वर्षीय राजेंद्र दीक्षित को कुछ दिन पूर्व तेज बुखार आया था। जांच करवाने पर राजेंद्र को डेंगू होने की पुष्टि होते ही उनके परिजन रविवार को शाहजहांपुर के निजी अस्पताल ले गए। जहां इलाज के दौरान रात में उनकी मौत हो गई। वहीं गांव के ही 72 वर्षीय सुमेर की भी डेंगू बुखार से पीड़ित होकर रात में हो। सुमेर का इलाज पुवायां नगर के निजी अस्पताल में चल रहा था।
इसके अलावा गांव बितौनी निवासी 45 वर्षीय रवि चंद्र सक्सेना की भी बरेली के निजी अस्पताल में इलाज के दौरान हो गई। रवि पिछले 10 दिन से डेंगू से पीड़ित थे। गांव धर्मंगदापुर जप्ती की महिला प्रधान 30 वर्षीय प्रीति शर्मा की भी सोमवार को शाहजहांपुर स्थित निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मृत्यु हो गई। इसके अलावा धर्मांगदापुर जप्ती निवासी 50 वर्षीय शिवकरण लाल की भी सोमवार को इलाज के दौरान पुवायां के निजी अस्पताल में मृत्यु हो गई। शिवकरण डेंगू बुखार से पीड़ित थे।
कस्बा समेत क्षेत्र में डेंगू का प्रकोप इस समय पूरे जोर पर चल रहा है। हर गांव में कोई न कोई व्यक्ति इसकी चपेट में है। कलान कस्बे के सुधीर सक्सेना को बीते दिन बुखार आया था। कस्बे में इलाज कराया। जांच रिपोर्ट आई, तो उसमें डेंगू होने की पुष्टि हुई। हालत बिगड़ने पर परिवार के लोग बरेली ले गए। जहां सोमवार को सुधीर की इलाज के दौरान मौत हो गई। तहसील क्षेत्र के गांव कुंडरी आश्रम निवासी रामप्रकाश सिंह कई दिनों से बुखार की चपेट में थे। कलान के निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था।
हालत खराब हुई, तो परिवार वाले सोमवार सुबह इलाज के लिए बरेली ले जा रहे थे। बरेली सुबह चार बजे अस्पताल पहुंचे, तो चिकित्सक ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वहीं डेंगू की चपेट में आने कस्बे के मोहल्ला उल्फत नगर निवासी महेश सिंह, व उनकी पत्नी समेत परिवार के अन्य सदस्य बीमार हैं। अजीत, आस्था, उदय, संध्या , अभिनंदन सिंह, सुरेंद्र समेत अन्य लोग बुखार से पीड़ित है। आरोप है कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर उचित इलाज नहीं मिल पा रहा है।
क्षेत्र के गांव जहानपुर निवासी इंद्रजीत भोजवाल की चार वर्षीय बेटी आराध्या को रविवार सुबह छह बजे बुखार आया, तभी परिजन निगोही निजी अस्पताल लाए, जहां डाक्टर ने इलाज करने से मना कर दिया, तभी परिजन शाहजहांपुर के निजी अस्पताल में ले गए। जहां सोमवार सुबह बच्ची ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। मृतका की मां सन्तोषी का रो-रो कर बुरा हाल है। इंद्रजीत के बडा बेटा जीतू नौ वर्ष, बेटी सुहावनी सात वर्ष की है, आराध्या सबसे छोटी थी।
पांच दिन पहले पत्नी की भी हो गई थी मौत
पुवायां। गांव धर्मांगदापुर जप्ती निवासी 50 वर्षीय शिवकरण लाल की भी सोमवार को इलाज के दौरान पुवायां के निजी अस्पताल में मृत्यु हो गई। शिवकरण डेंगू बुखार से पीड़ित थे। लगभग पांच दिन पहले शिवकरण की पत्नी की भी मृत्यु डेंगू बुखार से पुवायां नगर के एक निजी अस्पताल में हो गई थी। पत्नी की मृत्यु के बाद शिवकरण ने भी दम तोड़ दिया।
ठेली पर मरीज को लेकर अस्पताल पहुंचे परिजन
मोहल्ला काशीराम नगर निवासी मदन वाल्मीकि ने बताया कि उसकी मां 70 वर्षीय नन्हीं देवी वायरल बुखार से पीड़ित हैं। गंभीर हालात देखकर हाथ ठेली पर लादकर बीमार मां को लेकर वह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचा। आरोप लगाया कि जहां काफी देर इंतजार के बाद चिकित्सक ने उसकी मां को देखा। उसने बताया कि एंबुलेंस नहीं मिल पाने के कारण वह मां को हाथ ठेली पर लादकर अस्पताल लाया। डॉक्टर ने प्राथमिक उपचार करने के बाद गंभीर हालत को देखते हुए नन्हीं देवी को जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
सीएचसी और पीएचसी पर निर्देश दे रखे हैं, अस्पताल आने वाले मरीजों का विधिवत चेकअप हो और उसी हिसाब से उनका बेहतर से बेहतर इलाज किया जाए और गांवों में स्वास्थ्य शिविर लगवाए जा रहे हैं। बीमारी पर अंकुश पाने के लिए हर संभव कोशिश की जा रही है।-डॉ. आरके गौतम, सीएमओ
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