बरेली: अंतिम चरण में सर्विस लेन का काम, डिवाइडर बनाने की तैयारी

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

जिला अस्पताल रोड पर कुतुबखाना पुल का ऊपरी हिस्सा तैयार होने के बाद नीचे सर्विस लेन और नाली बनाने का चल रहा काम

फोटो- जिला अस्पताल रोड पर निर्माणाधीन सर्विस लेन।

बरेली, अमृत विचार। जिला अस्पताल रोड पर सर्विस लेन का काम अंतिम चरण में है। अफसरों का दावा है कि 30 अक्टूबर तक सर्विस लेन और नाली निर्माण का काम पूरा हो जाएगा। इसके बाद पुल के नीचे डिवाइडर बनना शुरू हो जाएगा। व्यापारी भी दुकानों के आगे लगने वाले फड़ और ठेलों की वजह से काफी समय से डिवाइडर बनाने की मांग कर रहे हैं।

कोतवाली से घंटाघर तक कुतुबखाना पुल का ऊपरी हिस्सा तैयार हो चुका है। नीचे सर्विस रोड और उसके दोनों तरफ नालियां बनाई जा रही हैं। व्यापारियों ने पिछले सप्ताह नगर आयुक्त और सेतु निगम के अधिकारियों से शिकायत की थी कि त्योहारी सीजन नजदीक आ चुका है। पहले कोरोना काल और फिर पुल निर्माण का काम शुरू होने से वह पूरी तरह बर्बाद हो चुके हैं।

इस सीजन में कारोबार की उम्मीद है लेकिन जिला अस्पताल रोड पर सुस्त गति से चल रहा सर्विस लेन के निर्माण से वह चिंतित हैं। रोड पर निर्माण सामग्री और मशीनों के बेतरतीब खड़े होने की वजह से ग्राहक दुकानों पर आने से बच रहे हैं। सेतु निगम के डीपीएम अरुण कुमार ने बताया कि जिला अस्पताल रोड पर सर्विस लेन का काम अंतिम चरण में है। एक तरफ की रोड पूरी पड़ चुकी है और दूसरी साइड में बचा काम अगले सप्ताह में पूरा हो जाएगा।

डेढ़ मीटर चौड़े बनाए जाएंगे डिवाइडर
प्रोजेक्ट मैनेजर एमके सिंह ने बताया कि सर्विस रोड को इस महीने हैंडओवर करने के बाद डिवाइडर बनाने का काम शुरू कर दिया जाएगा। इसकी चौड़ाई डेढ़ मीटर रखी गई है। यह डिवाइडर जिला अस्पताल रोड पर उन्हीं जगहों पर बनाए जाएंगे जहां पहले बने थे। इसमें बीच में पेड़ लगवाए जा सकेंगे।

कोहाड़ापीर रोड पर नहीं दिख रही तेजी
कोहाड़ापीर रोड पर निर्माण की सुस्त रफ्तार से व्यापारी परेशान हैं। दवा विक्रेता विनायक ने बताया कि उनकी दुकान के पास चल रहे निर्माण कार्य की स्थिति यह है कि एक महीने में कोई हलचल नहीं दिख रही है। सिलाई मशीन व्यापारी शानू ने बताया कि अफसरों का जोर भी जिला अस्पताल रोड पर है। इसलिए इस रोड पर काम की गति रफ्तार नहीं पकड़ रही है।

यह भी पढ़ें- बरेली: जोगी नवादा का दंगल बना हिंदू-मुस्लिम एकता का प्रतीक, हर धर्म से आते हैं यहां पहलवान 

संबंधित समाचार