लखनऊ : ऑस्टियोपोरोसिस बीमारी पर शोध के लिए एसजीपीजीआई को मिला बजट

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हड्डियों की बायोप्सी से बीमारी के कारणों का चलेगा पता, यूपी में पहली बार लग रही है मशीन

लखनऊ, अमृत विचार। बार-बार हड्डी टूटने की समस्या से पेरशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। कमजोर हड्डियों के कारणों और उसके इलाज की जानकारी के लिए एसजीपीजीआई स्थित एंडोक्रिनोलॉजी विभाग शोध करने की तैयारी में है। जिससे ऑस्टियोपोरोसिस बीमारी का और बेहतर इलाज हो सकेगा। इसके लिए भारत सरकार के डिपार्टमेंट ऑफ बायोटेक्नोलॉजी (डीबीटी) की तरफ संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान स्थित एंडोक्रिनोलॉजी विभाग को करीब 8 करोड़ का बजट दिया है। यह बजट डिबीटी सहज प्रोग्राम के तहत दिया गया है। इस बात की जानकारी एंडोक्रिनोलॉजी विभाग के डॉ. सुशील गुप्ता ने गुरुवार को सेमिनार हॉल में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान दी।

डॉ. सुशील गुप्ता
डॉ.सुशील गुप्ता, एसजीपीजीआई, लखनऊ


डॉ.सुशील गुप्ता ने बताया कि ऑस्टियोपोरोसिस एक ऐसी बीमारी है। जिसमें हड्डीयां कमजोर हो जाती हैं। यह समस्या महिलाओं में अधिक होती है। इस बीमारी का लक्षण भी यही है कि जरा सी चोट लगने पर फ्रैक्चर हो जाता है। इस बीमारी के कारणों और इलाज की नई तकनीक की जानकारी के लिए जल्द ही शोध शुरू होगा। इसके लिए हाई रिजोल्यूशन सीटी(एचआर सीटी) मशीन भी लगाई जा रही है। जो यूपी में पहली मशीन होगी। शोध में इस मशीन की भी मदद ली जायेगी। हड्डियों के बायोप्सी के जरिये यह पता लगाया जायेगा कि हड्डी में क्या बदलावा हो रहा है। जिससे बीमारी के इलाज में आसानी होगी।

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