UP: अपनों ने अपने के साथ कर दिया बड़ा कांड, जिसने भी सुनी यह बात, वो कारण जानने को हो गया मजबूर, पढ़ें- पूरी खबर

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Edited By Amrit Vichar
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बांदा के लड़के-लड़की की मुंबई में हत्या कर दी गई।

बांदा के लड़के-लड़की की मुंबई में हत्या कर दी गई। आरोपितों के घर थाना पुलिस पहुंची। ताला लगा देख पुलिस बैरंग वापस लौट आई।

बांदा, अमृत विचार। अफेयर के बाद युवक-युवती को घर वालों की मर्जी के खिलाफ एक साल पहले कौम के बाहर कोर्ट मैरिज कर घर बसाना महंगा पड़ गया। बेटी और दामाद को धोखे से बुलाने के बाद युवती के परिवारीजनों ने स्वजनों से पकड़वाकर बेटी और दामाद की हत्या कर दी। युवक जनपद के थाना व कस्बा चिल्ला का रहने वाला था। मुंबई पुलिस ने दोनों के शव बरामद कर लिये हैं। घटना के बाद आरोपितों के घर पहुंची पुलिस ने उसके घर में ताला लगा पाया। 

थाना व कस्बा चिल्ला निवासी करन पुत्र रमेश चौरसिया (20) तीन भाई थे, जिसमें से मृतक करन तीसरे नंबर का है। भाई रंजीत (35) और प्रदीप (23) दिल्ली में मजदूरी करते हैं, जबकि करन चिल्ला कस्बे में पान की दुकान खोलकर गुजारा कर रहा था। मां की मौत हो चुकी है। करन का सादीमदनपुर की मुस्लिम लड़की गुलनाज से अफेयर हो गया। लड़की के घर वालों के विरोध के बावजूद एक साल पहले करन और गुलनाज ने कोर्ट मैरिज कर ली।

गुलनाज को लेकर वह चिल्ला कस्बे में रहने लगा।गुलनाज के परिवारीजन मुंबई में रहते हैं। इस बीच हाल ही में उसके परिजनों का उसके पास फोन आया। उन लोगों ने बेटी और दामाद को मुंबई बुलाया। गुलनाज ने सोचा कि लगता है कि उसके परिवारीन बीती बातों को भूल चुके हैं। परिजनों के झांसे में आकर बेटी गुलनाज और दामाद करन बुधवार को मुंबई चले गये। वहां लड़की के परिजनों ने धोखे से दोनों को पकड़कर उनकी हत्या कर दी। नवी मुंबई से पुलिस ने दोनों के शव भी बरामद कर लिए हैं।

सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार मृतका गुलनाज के पिता गोरा खान पुत्र रईसुद्दीन और बेटा सलमान खान समेत तीन लोगों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। तीन अन्य नाबालिक लड़कों को भी पकड़ा गया है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने अपना गुनाह खुद कुबूल कर लिया है, लेकिन 27 अक्टूबर तक आरोपी पुलिस रिमांड में रहेंगे।

हर दिन सताता था डर, रोज दुआ करती थी गुलनाज

कोर्ट मैरिज करने के बाद गुलनाज और करन एक दिन भी सकून से नहीं रह पाए। गुलनाज को हर दिन डर सताता था। हालांकि उसके परिवारीजन यहां से दूर मुंबई में थे इस कारण वह बेफिक्र थी। इबादत में रोज दुआ करती थी कि उसके परिवार वाले दोनों को अपना लें। एक सप्ताह पहले जब मुंबई से कॉल आई और गुलनाज ने फोन उठाया तो उनके विशेष आमंत्रण से गुलनाज के चेहरे की रंगत बदल गई। उसे लगा कि उसके परिवारीजनों को अपने पर पछतावा हुआ है और अब उसे अपना लिया जाएगा। उसके क्या पता था कि अब कभी वह लौटकर ही नहीं आ पाएगी।

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