संभल: खून चढ़ाते समय अस्पताल में बच्चे की मौत, हंगामा
परिजनों के शिकायत करने पर डॉक्टर ने स्टाफ के साथ मिलकर की मारपीट, डाक्टर कफील, दो कंपाउंडर व कैंटीन संचालक सहित चार पर रिपोर्ट दर्ज
अस्पताल में बेटे की मौत के बाद बिलखता पिता
संभल, अमृत विचार। निजी अस्पताल में खून चढ़ाते समय अचानक हालत बिगड़ने से बच्चे की मौत हो गई। परिजनों के शिकायत करने पर डॉक्टर व अस्पताल स्टाफ परिजनों के साथ मारपीट पर उतर आया। अस्पताल में हंगामा हुआ तो कोतवाली पुलिस ने मौके पर पहुंचकर हालात को काबू किया। डाक्टर व दो कंपाउंडर सहित चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
हयातनगर थाना क्षेत्र के गांव मिलक सैंजना निवासी नौरंगी के 10 वर्षीय बेटे हरिओम को बुखार था। मंगलवार को परिजनों ने संभल मुरादाबाद मार्ग पर डॉ. कफील के बच्चा हॉस्पिटल में उसे भर्ती कराया था। डॉक्टर कफील ने बच्चे की कम प्लेटलेट्स होने की बात कहकर अलीगढ़ से खून मंगाने की बात कहकर परिजनों से दस हजार रुपये जमा कराये थे। शुक्रवार की सुबह डाक्टर ने हरिओम को खून चढ़ाना शुरू किया तो अचानक बच्चे की हालत बिगड़ी और उसकी मौत हो गई। परिजनों ने डॉक्टर पर गलत खून चढ़ाने व इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाकर हंगामा किया।
इस हालात में डाक्टर व अस्पताल कर्मी भी हंगामा कर रहे बच्चे के परिजनों से भिड़ने लगे। आरोप है कि डाक्टर कफील ने दो कंपाउंडरों,कैंटीन संचालक व कुछ अन्य लोगों के साथ मिलकर बच्चे के परिजनों के साथ मारपीट की। जानकारी मिलने पर सैंजना गांव से अन्य लोग पहुंच गये। बवाल के हालात बनने पर कोतवाल पवन कुमार ने मौके पर पहुंचकर लोगों को शांत कर हालात को काबू में किए। पुलिस ने डॉक्टर व स्टाफ पर कार्रवाई का आश्वासन देते हुए बच्चे का शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। कोतवाल ने बताया कि बच्चे के पिता की तहरीर पर डॉक्टर कफील के साथ ही कम्पाउंडर राकेश,उवैस व कैंटीन संचालक बाबू व कुछ अन्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
नोडल अधिकारी ने की जांच
बेटे की मौत होने के बाद मां कुसुमलता व पिता नौरंगी सड़क पर बैठकर रोने लगे। सूचना मिलने पर नोडल अधिकारी डॉ. मनोज चौधरी भी मौके पर पहुंचे। मंगाए गए ब्लड के पैकिंग को पुलिस ने कब्जे में लेकर हंगामा कर रहे परिजनों को समझा बुझाकर शांत कराया। डॉ. मनोज चौधरी ने बताया कि उपचार के दौरान कौन सी दवा दी गई और इलाज में कोई लापरवाही तो नहीं की गई है इसकी जांच की जा रही है। अलीगढ़ से मंगाए गए ब्लड के बारे में भी वहां के सीएमओ से संपर्क किया है।
रुपये मिले तो अलीगढ़ से एक घंटे में ही पहुंच गया ब्लड
रजपुरा थाना क्षेत्र के गांव बसंतपुर निवासी वेद प्रकाश मृतक किशोर के मामा ने बताया कि डॉक्टर ने अलीगढ़ से ब्लड मंगाकर किशोर को चढ़ाने की बात कही। जिसके बदले में दस हजार रुपये लिए गए। जबकि अस्पताल परिसर में ही ब्लड बैंक संचालित होता है। आरोप है कि डॉक्टर ने एक घंटे में ही ब्लड मंगाकर चढ़ाना शुरु कर दिया।
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