UP: पूर्वी जोन से हटाए गए ADCP आकाश पटेल, हेड कांस्टेबल को मुर्गा बनाकर डंडे से पीटने का था आरोप, जानें- मामला

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Edited By Amrit Vichar
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कानपुर में पूर्वी जोन से एडीसीपी आकाश पटेल को हटाकर वेस्ट जोन भेजा गया।

कानपुर में पूर्वी जोन से एडीसीपी आकाश पटेल को हटाकर वेस्ट जोन भेजा गया। एडीसीपी पर हेड कांस्टेबल को मुर्गा बनाकर डंडे से पीटने का आरोप था।

कानपुर, अमृत विचार। शुक्रवार को कमिश्नरेट में तैनात आईपीएस एडीसीपी पूर्वी आकाश पटेल पर महाराजपुर थाने में तैनात रहे एक हेड कांस्टेबल पदमाकर द्विवेदी ने अपने ऑफिस बुलाकर मुर्गा बनाकर पीटने का गंभीर आरोप लगाया था। इस गंभीर प्रकरण में स्पेशल डीजी कानून व्यवस्था लखनऊ प्रशांत कुमार ने पुलिस कमिश्नर डॉ आर के स्वर्णकार से रिपोर्ट मांगी थी।

मामला तूल पकड़ने के 24 घंटे के भीतर एडीसीपी को पूर्वी जोन से हटाकर पश्चिम जोन भेज दिया गया है। वहीं उनके स्थान पर एडीसीपी पश्चिम लखन सिंह यादव को पूर्वी के चार्ज के साथ डायल 112 का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। हालांकि, एडीसीपी आकाश पटेल के मामले की जांच डीसीपी पूर्वी कर रहे हैं। लेकिन एतियातन के तौर पर उन्हें वहां से दूसरी जगह स्थानंतरित कर दिया गया है।  

शुक्रवार को सोशल मीडिया पर एक मैसेज और ट्विट वायरल हुआ जिसमें कहा गया कि कानपुर में आईपीएस आकाश पटेल ने हेड कांस्टेबल पदमाकर द्विवेदी को मुर्गा बनाकर डंडे से मारा, कमरे में बंद कर पीटा, किसी तरह वह भागकर डीसीपी पूर्वी शिवाजी के ऑफिस पहुंचा तब बच सका। हेड कांस्टेबल के शरीर पर जितने जख्म के निशान है, उससे ज़्यादा उसकी आत्मा पर हैं, सिपाही के पास मेडिकल रिपोर्ट भी है।

पदमाकर द्विवेदी ने बताया था कि उस समय उनके ऑफिस में दो सिपाही और मौजूद थे। कहा कि वह बगल में डीसीपी पूर्वी के ऑफिस में भागकर घुसा और वहां पर अपने साथ हुई घटना के बारे में जानकारी दी थी।

आरोप था कि इस घटना की जानकारी पुलिस कमिश्नर से लेकर संयुक्त पुलिस आयुक्त समेत सभी उचचाधिकारियों को दी गई मगर कोई कार्रवाई नहीं हुई। मामला स्पेशल डीजी कानून व्यवस्था तक पहुंचने के कारण महकमे में हड़कंप मच गया था। जिसके बाद शनिवार रात एडीसीपी पूर्वी को पश्चिम जोन में स्थानंतरण कर दिया गया। 

एडीसीपी पूर्वी आकाश पटेल ने बताया था कि 18 अक्टूबर को थाना महाराजपुर में सूरज नाम व्यक्ति की कुछ व्यक्तियों ने पीट-पीट कर हत्या कर दी थी। इस घटना में विवेचना जारी है। इस मामले में आरोपियों से पूछताछ की गई थी तो उन्होंने कहा कि सूरज उनके घर में घुस आया था और पकड़ने के प्रयास करने पर भागने पर उसे चोट लग गई और वह मर गया।

एडीसीपी ने बताया कि गहराई से पूछताछ करने पर आरोपियों ने माना कि सूरज को उन्हीं लोगों ने घर में बंद करके पीटा था। इस पर हेड कांस्टेबल पदमाकर ने उन्हें सच बताने से मना किया था और इस घटना को गैर इरादतन हत्या में दर्ज करवा दिया गया। अफसर के अनुसार 19 अक्तूबर को ही पुलिस कमिश्नर को रिपोर्ट भेज दी गई थी। जिसके बाद डीसीपी पूर्वी को मामले की जांच सौंपी गई थी।

एडीसीपी ने कहा था कि जो मेडिकल रिपोर्ट वायरल हो रही है वह 26 अक्तूबर की है। उसमें साफ लिखा है किस्लिपिंग ऑन ग्राउंड लिखा और कमर दर्द की शिकायत है। उस हेड कांस्टेबल का पुलिस कमिश्नर ने नर्वल थाने ट्रांसफर कर दिया था। इसके बाद भी उसने नर्वल में ज्वाइन नहीं किया था। मारपीट की बात पूरी तरह से झूठ बताई थी।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि हरबंश मोहाल वसूली में सस्पेंड किए गए कांस्टेबल एडीसीपी ऑफिस के लिए रवाना हुए थे। साथ ही हेड कांस्टेबल को मुर्गा बनाकर पीटने का गंभीर आरोप व गृह जनपद से सटे जोन में तैनाती होना के कारण हटने की बड़ी वजह रही है।

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