दिल्ली शराब घोटाले को लेकर नितिन अग्रवाल ने AAP पर बोला हमला, यूपी सरकार की आबकारी नीति पर किया यह बड़ा दावा

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार में आबकारी एवं मद्य निषेध राज्‍य मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) नितिन अग्रवाल ने दिल्ली की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर शराब माफियाओं को लाभ पहुंचाने के लिए 'भ्रष्ट आचरण' अपनाने का आरोप लगाते हुए दावा किया कि योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार की आबकारी नीति पारदर्शी है। नितिन अग्रवाल ने कहा कि दिल्ली के विपरीत उत्तर प्रदेश में एक व्यक्ति को शराब की दो से अधिक दुकानें नहीं आवंटित की जा सकतीं।

 एक साक्षात्कार में नितिन अग्रवाल ने दावा किया कि योगी सरकार के मौजूदा कार्यकाल में जहरीली शराब के सेवन से कोई भी मौत नहीं हुई। 'आप' पर निशाना साधते हुए उन्होंने सवाल किया, "करोड़ों रुपये की अनियमितता वाली दिल्ली आबकारी नीति काफी चर्चित मामला रही है। इससे किसे फायदा हुआ? पैसा किसके पास गया? आम आदमी पार्टी को इसका जवाब देना चाहिए।" 

दिल्ली आबकारी नीति-2021-22 तब सवालों के घेरे में आ गई थी, जब उपराज्यपाल ने इसके कार्यान्वयन में कथित अनियमितताओं की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की सिफारिश की थी। इस नीति को बाद में समाप्त कर दिया गया था। अग्रवाल ने 'आप' पर तंज कसते हुए कहा, “पार्टी नेता क्यों चिंतित हैं? अब जब केंद्रीय एजेंसियां जांच कर रही हैं, तो वे घबरा रहे हैं और भाजपा (भारतीय जनता पार्टी) पर आरोप लगा रहे हैं। इससे स्पष्ट हो जाता है कि जो नेता जिम्मेदार थे, उनकी आबकारी घोटाले में कुछ संलिप्तता थी और उन्हें शराब माफियाओं से फायदा मिला था।” 

कथित आबकारी नीति घोटाला मामले की जांच सीबीआई और ईडी दोनों कर रहे हैं। दोनों केंद्रीय जांच एजेंसियों का आरोप है कि आबकारी नीति में संशोधन करते समय अनियमितताएं बरती गईं और लाइसेंस धारकों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया। इस मामले में दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया भी आरोपी हैं। 'आप' ने भाजपा पर विपक्षी दलों को धमकाने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया है। 

नितिन अग्रवाल ने कहा, "शराब माफियाओं को जिस तरह दिल्ली में प्रवेश दिया गया, जिस तरह जोन बनाए गए और फिर इच्छानुसार बेचे गए, मुझे लगता है कि दिल्ली के इतिहास में कभी भी इससे भ्रष्ट सरकार नहीं रही होगी।" यह पूछे जाने पर कि उत्तर प्रदेश का आबकारी विभाग दिल्ली से कैसे अलग है, अग्रवाल ने कहा, "दिल्ली में जोन बनाए गए थे, जो उनके विशेष व्यक्तियों को आवंटित किए गए। हमने प्रतिबंध लगाया है कि पूरे राज्‍य में एक व्यक्ति को (शराब की) दो से अधिक दुकानें नहीं मिल सकती हैं।" 

मंत्री ने कहा, "उत्तर प्रदेश की आबकारी नीति उद्योग समर्थक है और सभी को समान अवसर प्रदान करती है। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि छह साल पहले राज्य में 20 डिस्टिलरी थीं, जो अब बढ़कर लगभग 100 हो गई हैं।" उत्तर प्रदेश में विपक्षी दलों की पूर्ववर्ती सरकारों पर आरोप लगाते हुए अग्रवाल ने कहा, "पहले राज्य सरकार की नीतियां पारदर्शी नहीं होती थीं। नीतियां इसलिए बनाई जाती थीं, ताकि कुछ शराब माफियाओं को फायदा पहुंचाया जा सके। समाजवादी पार्टी (सपा) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की सरकारों में आबकारी विभाग की छवि अच्छी नहीं थी।"

यह भी पढ़ें:-'दिव्यता के बीच दरिद्रता'..., अखिलेश यादव ने अयोध्या दीपोत्सव का Video शेयर कर सरकार पर कसा तंज

 

संबंधित समाचार

टॉप न्यूज

कानपुर में लोन डिफॉल्ट पर एक्शन : बैंक ने लगाया लैदर फैक्ट्री पर ताला, बकाया न चुकाने पर लिया कब्जा
Barabanki News: श्रावण से पहले शिव मंदिरों की विद्युत सुरक्षा दुरुस्त करने के निर्देश, डीएम बोले- लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं होगी
NEET विवाद: सरकार-CJP वार्ता के बाद बढ़ी उम्मीदें, सरकार ने मानी 3 में से 2 मांगे; क्या होगा धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा?
Gonda News:चलती ट्रेन में गूंजी किलकारी, बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस में महिला ने दिया बच्चे को जन्म
CJP Protest: सीजेपी-सरकार वार्ता खत्म, तीन प्रमुख मांगें सरकार के सामने रखीं; धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर फैसला कल संभव