कांग्रेस सिरसा में 17 दिसंबर को करेगी किसान और मजदूर आक्रोश रैली 

कांग्रेस सिरसा में 17 दिसंबर को करेगी किसान और मजदूर आक्रोश रैली 

सिरसा। किसान की फसल को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीदने,स्वामीनाथन रिर्पोट लागू करने,किसानों के कर्ज माफी सहित विभिन्न मुद्दों पर किसान आदोंलन के एक वर्ष पूरा होने व आदोंलन के दौरान अकाल मौत का शिकार हुए 750 किसानों की याद में हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी आगामी 17 दिसंबर को सिरसा में किसान / मजदूर आक्रोश रैली का आयोजन करेगी।

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इस रैली का आयोजन राजनीति से ऊपर उठकर किया जाएगा,जिसमें अन्य दलों के लोगों को भी निमंत्रण दिया जाएगा। रैली को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेद्र सिंह हुड्डा,पार्टी प्रदेश अध्यक्ष उदयभान सहित कई शीर्ष नेता संबोधित करेंगे। उपरोक्त जानकारी रविवार को यहां कांग्रेस भवन में आयोजित एक प्रेस कांफ्रेस के दौरान अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की केंद्रीय वर्किंग कमेटी सदस्य एवं राज्यसभा सासंद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने दी। श्री हुड्डा पड़ोसी प्रांत राजस्थान के संंगरिया विधानसभा क्षेत्र के पार्टी प्रत्याशी के समर्थन में कस्बा टिब्बी में एक जनसभा को संबोधित करने जाने के दौरान यहां ठहरे थे। उन्होंने पार्टी के जिलेभर के नेताओं को प्रस्तावित जनसभा की तैयारियों में अब से ही जुट जाने का कहा। तत्पश्चात उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय इंदिरा गांधी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजली अर्पित की। इस मौके पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता डा.के वी सिंह,पूर्व सांसद सुशील इंदौरा,पूर्व संसदीय सचिव प्रह्लाद सिंह गिलांखेड़ा,पूर्व विधायक भरत सिंह बैनीवाल,वरिष्ठ कांग्रेस नेता राजकुमार शर्मा सहित कई कांग्र्रेस नेता मौजूद रहे। इस दौरान इनेलो नेता एवं पूर्व जिला पार्षद हरपाल कासनियां ने इनेलो छोड़कर कांग्रेस का दामन थामा। सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने पार्टी का पटका पहना कर हरपाल कासनिया को पार्टी में शामिल किया। श्री हुड्डा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी किसान विरोधी है। किसान आदोंलन के दौरान किसानों के साथ हुए समझौते के दौरान केंद्र सरकार ने जो वायदे किए थे उन पर आज तक अम्ल नहीं हो पाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार द्वारा किसानों के मसलों को हल करने के लिए जो कमेटी गठित की गई उसके सदस्य ही किसान विरोधी सोच के हैं। उन्होंने आदोंंलन के दौरान अकाल मौत का शिकार हुए किसानों को कांग्रेस के सत्तारूढ़ होने पर शहीद का दर्जा देने के सवाल पर कहा कि कादमा कांड के दौरान जो किसान हिंसा का शिकार हुए थे। प्रदेश में कांग्रेस के सत्तारूढ़ होने पर उनके परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी व अन्य सुविधाएं दी गई थीं उसी तर्ज पर इन किसान परिवारों को दी जाएगी। उन्होंने जातीय मतगणना की हिमायत भी की। श्री हुड्डा ने दावा किया कि वे निरंतर चुनाव वाले राज्यों में प्रचार पर जा रहे हैं। राजस्थान में 35 साल का इतिहास तोड़ते हुए कांग्रेस फिर सत्तारूढ़ होगी। वहीं अन्य चार राज्यों में भी कांग्रेस बढ़त बनाकर सत्तारूढ़ होने जा रही है। उन्होंंने जजपा के राजस्थान में चुनाव लडऩे के सवाल पर चुटकी लेते हुए कहा कि हरियाणा में तो जजपा के जनाधार को जंग लग गया है। जजपा के नेताओं ने हर वर्ग के साथ धोखा किया है। राजस्थान में जजपा का कुछ बंटने वाला नहीं है। उन्होंने भाजपा-जजपा के गठबंधन को मौके का सौदा बताते हुए शराब घोटाला,जहरीली शराब कांड,51 सौ रुपया बुढ़ापा पेंशन व प्रदेश के युवाओं को प्राइवेट सेक्टर में कोटा बढ़ाकर नौकरी देने की योजना को उच्च न्यायालय में चुनौती मिलने पर कहा कि सरकार की नियत में खोट था इसलिए न्यायालय में सही तरीके से केस की पैरवी नहीं की। 

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