प्रयागराज : 5 वर्ष से प्रैक्टिस कर रहे अधिवक्ताओं के लिए सीओपी प्रमाण पत्र प्राप्त करना अनिवार्य

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Edited By Amrit Vichar
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प्रयागराज, अमृत विचार। सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित हाई पावर कमेटी व बार काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा दिए गए निर्देशानुसार सीओपी (सार्टिफिकेट ऑफ प्रैक्टिस) धारक प्रत्येक अधिवक्ता जिनके सीओपी को 5 वर्ष की अवधि व्यतीत हो चुकी है, उनको अपने सीओपी को रिन्यू कराना अति आवश्यक है। प्रदेश के सभी जिले एवं तहसील के अधिवक्ताओं से वेरिफिकेशन, डिक्लेरेशन, री-इश्यू फॉर्म, जो भी मान्य हो,उसे समस्त औपचारिकताओं के साथ पूर्ण कराकर अपने बार संघ में फॉर्म एकत्रित कर बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के कार्यालय में दिनांक 30 नवंबर 2023 तक बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश में सामूहिक रूप से जमा करने का निर्देश दिया गया है,ताकि समय से शैक्षिक प्रमाण पत्रों का सत्यापन कराकर सीओपी निर्गत किया जा सके।

इसके साथ यह भी निर्देश दिया गया है कि जो अधिवक्ता व्यक्तिगत रूप से अपना फॉर्म कार्यालय में जमा करना चाहते हैं तो वह कर सकते हैं। मुख्य रूप से प्रेस विज्ञप्ति में यह भी उल्लेख किया गया है कि अंतिम तिथि के बाद री-इश्यू फॉर्म निर्धारित शुल्क ढाई सौ रुपए के अतिरिक्त पेनल्टी 100 रुपए के साथ अर्थात कुल 350 रुपए के साथ जमा किए जाएंगे। यह जानकारी बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष शिवकिशोर गौड़ द्वारा जारी की गई है।

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