बरेली में बनेगा मदारी सिलसिले का बड़ा विश्वविद्यालय, परतापुर में उलमा की बैठक में किया गया एलान

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तालीम से तरक्की की तरफ जाने की कही गई बात

बरेली, अमृत विचार : सूफी बुजुर्ग जिंदा शाह मदार के नाम से बरेली में एक बड़ा विश्वविद्यालय स्थापित होगा। तहरीके मदारियत काउंसिल टीएमसी के सदर और दरगाह हुजूर फातेह अजमेर मदारी के प्रबंधक डाॅ. सैयद इंतखाब आलम जाफरी ने सोमवार को बैठक में इसकी घोषणा की। उन्होंने दावा किया कि यह विश्वविद्यालय एशिया में तालीम का बड़ा मरकज होगा।

जिंदा शाह मदार के मानने वाले उलमा की बैठक परतापुर में हुजूर फातेह अजमेर मदारी की दरगाह पर हुई। इसमें टीएमसी प्रमुख डाॅ. आलम ने कहा कि अगर हमें आगे बढ़ना है तो तालीम की ओर कदम बढ़ाने होंगे। उन्होंने एक बड़ी यूनिवर्सिटी बनाने का प्रस्ताव रखा, जिसको सभी उलमा ने मंजूरी दे दी।

डा. आलम ने इस विश्वविद्यालय को लेकर पूरा खाका रखा। एशिया का सबसे बड़ा विश्वविद्यालय बनाने का दावा किया। उन्होंने बताया कि इसको लेकर जमीन को चिह्नित की जा रही है। इस मौके पर कानपुर में मदार साहब की दरगाह पर होने वाले 607 वें उर्स का पोस्टर भी जारी किया गया।

सज्जादाना नशीन सैयद जिल्ले महमूद मियां जाफरी, सैयद जावेद आलम जाफरी, सैयद शाहकार आलम जाफरी, सैयद साहिल महफूज जाफरी, सीतापुर से कारी मौलाना अब्दुल कय्यूम शिकोही मदारी, बलरामपुर से मौलाना फरीद अहमद जाफरी, गोविंदपुर से मुफ्ती खुशनूद अहमद मदारी, बहेड़ी से मुफ्ती काशिफ सईद मदारी, मुफ्ती मोहम्मद आसिफ मदारी, मौलाना शराफत अली शाह मदारी, मौलाना यूनुस मदारी, मौलाना अयाज तसलीमी मदारी और मुनीर आलम मौजूद रहे।

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