बरेली: 40 साल पुराने 200 हेक्टेयर भूमि पर कब्जे में से 37 हेक्टेयर भूमि छुड़ाई
बरेली,अमृत विचार। तहसील सदर ने 200 हेक्टेयर भूमि पर 40 साल पुराने कब्जे को हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी है। एसडीएम सदर ईशान प्रताप सिंह के नेतृत्व में तहसीलदार सदर आशुतोष गुप्ता ने टीम से पहले दिन मंगलवार को जेसीबी और ट्रैक्टर चलाकर कब्जे की भूमि पर खड़ी फसल जोतवा दी। फसल नष्ट के …
बरेली,अमृत विचार। तहसील सदर ने 200 हेक्टेयर भूमि पर 40 साल पुराने कब्जे को हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी है। एसडीएम सदर ईशान प्रताप सिंह के नेतृत्व में तहसीलदार सदर आशुतोष गुप्ता ने टीम से पहले दिन मंगलवार को जेसीबी और ट्रैक्टर चलाकर कब्जे की भूमि पर खड़ी फसल जोतवा दी। फसल नष्ट के दौरान यूकेलिप्टस के पेड़ भी गिराए गए।
इसके साथ टीम ने अन्य भूमि को चिह्नित कर लिया है। कार्रवाई के दौरान वन विभाग के अधिकारी और कैंट थाना पुलिस की टीम भी मौजूद रही। कब्जे की पूरी भूमि खाली होने के बाद वन विभाग पौधे रोपेगा। वन विभाग करीब 3000 बीघा भूमि पर जंगल बसाने की तैयारी पहले ही हर चुका है।
बताते हैं कि खतौनियों को जांचने के बाद अधिकारियों को मालूम हुआ कि बभिया के आगे मांझा गांव में 200 हेक्टेयर यानि करीब 3000 बीघा सरकारी भूमि दर्ज है। यह नवीन परती और रेत की भूमि है। अफसरों ने मौके पर जाकर देखा तो भूमि पर कब्जा मिला। फसलें लहलहा रही हैं। कई लोगों ने निर्माण भी करा लिए हैं।
एसडीएम सदर ईशान प्रताप सिंह ने बताया कि क्यारा के प्रधान को नोटिस जारी हुआ। बावजूद इसके भूमि से कब्जे नहीं हटाए गए। लोगों ने बाजरा, गन्ना और सब्जियां बोई हुई हैं। लेखपाल और कानूनगो की रिपोर्ट से सामने आया कि यहां भूमाफिया ने कब्जा करके कई किसानों को प्रति बीघा किराये पर खेती के लिए भूमि दी हुई है। मंगलवार से भूमि से कब्जा हटवाने की कार्रवाई शुरू हुई है। यह कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। कब्जे हटवाने के बाद भूमि पर वन विभाग को सुपुर्द की जाएगी।
डर से खुद ही काटने लगे फसल
प्रशासन की कार्रवाई में जेसीबी के चलते देख कई किसान खुद ही कच्चा बाजरा से लेकर फसल काटने लगे। कई जगह पर यूकेलिप्टिस के पेड़ लगे थे। प्रशासन ने विकल्प रखा है कि अगर किसी किसान के पास भूमि के दस्तावेज हैं तो उसकी भूमि छोड़ दी जाएगी। उसे अपने दस्तावेजों को दिखाना होगा।
आने-जाने के लिए चकरोड तक बना दिया
जिन भूमाफिया ने किसानों को प्रति बीघा जमीन किराए पर दी है। उन किसानों को आने-जाने में कोई दिक्कत न हो, इसके मद्देनजर चकरोड तक बनवाकर दिया है। मनरेगा से हुए कामों में चकरोड बनाई गई है। एसडीएम सदर ने जांच बैठा दी है कि आखिर कब्जेदारों को फायदा देने के लिए किसके इशारे पर यह चकरोड बनाई गई।
