बरेली: रामवाटिका में हंगामा... कॉलोनी में नहीं चलने देंगे मदरसा

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। रामवाटिका के एक मकान में मुस्लिम बच्चों के लिए आवासीय कोचिंग चलाए जाने पर जमकर हंगामा हुआ। कॉलोनी के तमाम लोगों ने मकान के बाहर इकट्ठे होकर मदरसा चलाने का आरोप लगाया तो अंदर से गेट बंद कर लिया गया। इस पर वे और भड़क गए।

पुलिस के पहुंचने के बाद दूसरा पक्ष सामने आया तो पता चला कि मकान को किराए पर लेकर उसमें गरीब मुस्लिम बच्चों को नीट और आईआईटी की तैयारी कराई जा रही है। काफी देर तनातनी के बाद तय हुआ कि कोचिंग को जल्द ही रामवाटिका से हटाकर कहीं और ले जाया जाएगा। राम वाटिका में बुजुर्ग इंजीनियर सलाहुद्दीन अहमद का 105 नंबर का मकान है जिसे उन्होंने कुछ दिन पहले ही अहमद अजीज खां को किराए पर दिया था।

बृहस्पतिवार दोपहर कॉलोनी के कई लोगों ने इस मकान में मदरसा चलाने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। रामवाटिका कॉलोनी वेलफेयर सोसाइटी विंग-ए के अध्यक्ष पीएस दीक्षित का कहना था कि सलाहुद्दीन अहमद ने अपने मकान में मदरसा और कोचिंग खुलवा दी है।

इसमें करीब 10-12 मुस्लिम बच्चों के रहने से कॉलोनी का माहौल खराब हो रहा है। एसोसिएशन के सदस्यों की सूचना पर पुलिस पहुंची तो पीएस दीक्षित ने मकान में चल रहे मदरसे को बंद कराने और मकान मालिक सलाहुद्दीन के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।

इंजीनियर सलाहुद्दीन का मकान किराए पर लेकर कोचिंग शुरू करने वाले अहमद अजीज खां का कहना था कि वह गरीब मुस्लिम बच्चों के लिए हाउस ऑफ नॉलेज संस्था चलाते हैं। इसी के तहत उन्होंने आवासीय कोचिंग शुरू की है।

यहां बच्चों को नीट और आईआईटी की तैयारी कराई जाती है। अहमद अजीज ने पुलिस को बताया कि जिस वक्त कॉलोनी के लोग इकट्ठे होकर मकान पर पहुंचे और अचानक हंगामा शुरू किया, उस दौरान एक महिला शिक्षक बच्चों को पढ़ा रही थीं। उत्तेजित लोगों को देखकर वह डर गईं और गेट पर ताला लगा लिया। इससे लोग और भड़क गए।

हालांकि मीडिया के लोगों के पहुंचने के बाद ताला खोल दिया गया। तनातनी के बीच पुलिस की मौजूदगी में अहमद अजीज ने कहा कि अगर कॉलोनी के लोगों को बच्चों की आवासीय कोचिंग पर आपत्ति है तो वह इस माहौल में बच्चों को नहीं पढ़ाएंगे और कोचिंग को यहां से कहीं और शिफ्ट कर लेंगे।

रामवाटिका कॉलोनी वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष पीएस दीक्षित ने कहा कि आपसी सहमति से कोचिंग को कॉलोनी से हटाने की बात तय हो गई है। कॉलोनी के लोग यहां इस तरह की कोई गतिविधि नहीं चाहते।

बिना किसी को बताए शुरू की कोचिंग तो सौहार्द पर आई आंच
कॉलोनी में रहने वाले आशु अग्रवाल ने बताया कि रामवाटिका में मुस्लिमों के सात मकान हैं। उनके साथ रहते हुए कभी कोई दिक्कत नहीं हुई। वे उनके साथ सुख-दुख में शामिल होते रहे हैं। होली और दिवाली पर हुए कार्यक्रम में इंजीनियर सलाहुद्दीन को भी बुलाया गया था। उनका मदरसे या कोचिंग के लिए मकान को किराए पर देना कॉलोनी के लोगों को नागवार गुजरा है।

सुबह उनसे पूछा गया तो सब्जी लेने के लिए जाने की बात कहकर चले गए लेकिन बाद में पता चला कि मकान का किरायानामा रजिस्टर कराने कचहरी गए थे। लोगों ने मुस्लिम छात्रों काे रखने का विरोध किया तो बताया कि एजुकेशनल सोसाइटी उन्हें पढ़ा रही है।

पुलिस के आने के बाद पता चला कि सभी छात्र मुस्लिम हैं और उनकी ऊंचाई भी पांच फुट से ज्यादा है। आसपास हिंदू परिवार हैं। आवासीय कॉलोनी में मदरसा या कोचिंग जैसी गतिविधियां ठीक नहीं हैं।

फाइक एन्क्लेव से रामवाटिका में दो दिन पहले शिफ्ट की गई थी कोचिंग
मकान के अंदर कोचिंग का ही माहौल था। एक कमरे में बच्चों के लिए बेड पड़े थे तो दूसरे में कक्षा चलाई जा रही थी ब्लैकबोर्ड भी लगा था। यहां तमाम किताबें भी रखी थीं। बताया गया कि दो दिन पहले ही यह कोचिंग सेंटर फाइक एन्केलव से यहां शिफ्ट किया गया था। वहां से लाए गए एसी भी एक तरफ रखे थे।

आकाशपुरम से बच्चों को अंग्रेजी पढ़ाने के लिए आई महिला शिक्षक ने बताया कि बच्चों को यहां हिंदू शिक्षक भी पढ़ा रहे हैं। इनमें एक का नाम आदित्य है। गणित पढ़ाने वाले शिक्षक अरमान मलिक ने बताया कि इन बच्चों को नीट और आईआईटी की तैयारी कराई जा रही है। कमरे में 13 बच्चे थे।

इनमें से कुछ ने बताया कि वह कोचिंग में ही रहते हैं। हर सुबह आठ बजे से शाम तक कक्षा लगती है। बच्चों ने बताया कि वे बीसलपुर रोड स्थित आदर्श पब्लिक स्कूल के छात्र हैं। पूछा गया कि स्कूल कब जाते हो तो बताया कि स्कूल नहीं जाते हैं, वहां सिर्फ एग्जाम देने जाएंगे।

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