गोंडा: कैटल कैचर वाहन में तड़पता रहा गोवंश, जिम्मेदार अपने कर्तव्यों से पल्ला झाड़ते हुए चलते बने, हड़कंप

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Edited By Amrit Vichar
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करनैलगंज, गोंडा। बेसहारा पशुओं को संरक्षित करने में लगे विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों की संवेदनाहीनता के चलते कैटल कैचर वाहन में ही एक घायल गौ वंश को करीब 24 घंटे बंद रहना पड़ा। स्वंयसेवी गौ रक्षकों के हस्तक्षेप के बाद जिम्मेदारों ने कैटल कैचर से घायल गौवंश को गौशाला में संरक्षित करवाया। मामला तूल पकड़ने पर अब बीडीओ व पशु चिकित्सक एक दूसरे पर दोषारोपण कर रहे है। 

मामला विकास खण्ड करनैलगंज के ग्राम रेक्सड़िया से जुड़ा है। नगर पालिका परिषद करनैलगंज से कैटल कैचर वाहन उपलब्ध करवाने के अनुरोध पर गुरुवार की दोपहर बाद चालक वाहन लेकर ग्राम रेक्सडिया पहुंचा। जहां ग्रामीणों की मदद से 10 गौवंशो को वाहन में चढ़ाया गया।

चालक वाहन लेकर ग्राम दिनारी में संचालित गौशाला ले गया। जहां एक गौवंश वाहन के अंदर चोटिल अवस्था में गिर कर घायल हो गया था। इसलिये नौ गौवंशो को गौशाला में उतार दिया गया जबकि घायल एक गौवंश वाहन के अंदर ही पड़ा तड़पता रहा। 

यही नहीं हद तो तब हो गयी जब बिना घायल गौवंश को संरक्षित कराये ही जिम्मेदारों ने वाहन को भेज दिया। जब वाहन चालक नगर परिषद पहुंचकर पीछे घायल गौ वंश को देखा तो उसकी जानकारी ईओ को दी। इसके बाद वाहन को ले जाकर विकास खण्ड कार्यालय में खड़ा कर दिया।  

समाज सेवियों के हस्तक्षेप पर पशु पालन विभाग के कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर घायल गौ वंश का दवा इलाज किया। लेकिन उसे कहीं संरक्षित करवाने के बजाय वाहन में ही छोड़कर वापस हो गये। 

शुक्रवार को यह मामला फिर से गरमाता देख बीडीओ व पशुचिकित्सा अधिकारी मामले को लेकर एक दूसरे पर दोषारोपण करने लगे। इसके बाद एसडीएम विशाल कुमार के हस्तक्षेप पर 24 घंटे बाद गौ वंश को दिनारी गौशाला में संरक्षित कराया जा सका। 

एसडीएम विशाल कुमार ने बताया की गौवंश का इलाज चल रहा है। मौके पर डाक्टर भी हैं और एंबुलेंस भी है। उसे गौशाला में संरक्षित कराने की कवायद चल रही है।

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