बरेली: दरगाह आला हजरत पर मनाया हामिद मियां का कुल
बरेली, अमृत विचार। आला हजरत के बड़े साहबजादे मुफ्ती हामिद रजा खान (हामिद मियां) के 83 वें उर्स-ए-हामिदी के दूसरे दिन शनिवार को कुल शरीफ की रस्म अदा की गई। इस मौके पर मदरसा मंजर-ए-इस्लाम का 122 वां दीक्षांत समारोह (दस्तार बंदी) का आयोजन हुआ।
कार्यक्रम दरगाह प्रमुख मौलाना सुब्हान रजा खान (सुब्हानी मियां) की सरपरस्ती और सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन रजा कादरी (अहसन मियां) की सदारत में हुआ। मीडिया प्रभारी नासिर कुरैशी ने बताया कि उर्स का आगाज फज्र की नमाज के बाद रजा मस्जिद में कुरानख्वानी से हुआ।
कार्यक्रम में उलमा ने हामिद मियां के किरदार और उनके द्वारा किए गए मजहब -ओ-मसलक के कार्यों पर रोशनी डाली। मुफ्ती सलीम नूरी बरेलवी ने कहा कि देश के बंटवारे के समय फैली अशांति को दूर करने और मुल्क में अमन कायम रखने को हामिद मियां ने दौरे कर कांफ्रेंस का आयोजन किया।
दरगाह आला हजरत पर रात 10 : 35 बजे कुल शरीफ की रस्म अदा की गई। उसके बाद मदरसा मंजर-ए-इस्लाम का दीक्षांत समारोह (दस्तारबंदी) का जश्न शुरू हुआ। 21 मुफ्ती, 75 फाजिल, 4 हाफिज व 56 कारी के कुल 156 तलबा (छात्रों) को दरगाह प्रमुख सुब्हानी मियां और सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन मियां ने डिग्रियां सौंपकर दस्तारबंदी की।
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