बरेली: आठ माह में 237 संदिग्ध एलोपैथिक दवाओं के नमूने भरे, वाद सिर्फ नौ में दर्ज कराया
औषधि विभाग ने 31 मेडिकलों के लाइसेंस निलंबित तो 16 किए निरस्त
बरेली, अमृत विचार। आम लोगों के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाने वाली दवाओं की बिक्री पर रोक लगाने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग ने मेडिकल स्टोरों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की है। आंकड़ों के अनुसार आठ महीने में जिले में 237 संदिग्ध एलोपैथिक दवाओं के नमूने लिए हैं। इनमें नौ मामलों में वाद दर्ज कराए गए हैं। गड़बड़ी पर 31 मेडिकल स्टोर के लाइसेंस निलंबित तो 16 निरस्त किए गए हैं। जांच में नमूने अधोमानक साबित होने पर दवाओं की आपूर्ति पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। फिलहाल, डीएम की समीक्षा बैठक को लेकर विभाग ने रिपोर्ट तैयार कर ली है।
1 अप्रैल से 30 नवंबर तक औषधि विभाग के अधिकारियों ने अंग्रेजी दवाओं में कप सीरप, एंटीबायोटिक समेत कई दवाओं के नमूने भरे हैं। औषधि निरीक्षक की ओर से तैयार की गई इस रिपोर्ट में नमूने भरने का जिक्र है, लेकिन कितने नमूनों की जांच रिपोर्ट विधि प्रयोगशाला से आ चुकी है, इसके आंकड़े नहीं हैं, लेकिन रिपोर्ट में यह जरूर दिखाया है कि कुल 9 मामलों में सिविल कोर्ट में वाद दायर किए गए हैं, यानी नौ दवाओं की लैब से रिपोर्ट खराब आई है। इसलिए दवा बेचने वाले मेडिकल स्टोर संचालक के विरुद्ध वाद दायर कराए गए हैं।
227 दवा की दुकानों को चेक किया
औषधि निरीक्षक की रिपोर्ट के अनुसार आठ महीने में कुल 227 दवा की दुकानों को चेक किया गया है। अकेले नवंबर में 31 मेडिकल स्टोर की जांच की है, जबकि 14 पर छापेमारी की गई है। 18 नवंबर को सीबीगंज के अटाकायस्थान में अजमत खां द्वारा गांव में बिना लाइसेंस के मेडिकल स्टोर का संचालन करने का मामला पकड़ा गया था। इस दौरान 80 हजार रुपये की दवाएं जब्त कर सीज की गई थीं। सात संदिग्ध एलोपैथिक दवाओं के नमूने भरकर जांच के लिए लैब भेजे गए थे।
खाद पदार्थों के 383 नमूने भरे तो 331 में वाद दायर कराया
सहायक खाद्य आयुक्त द्वितीय ने 1 अप्रैल से 30 नवंबर तक खाद्य पदार्थों के संबंध में रिपोर्ट तैयार की है। आठ महीने में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने 383 संदिग्ध खाद्य पदार्थों के नमूने भरे गए हैं। इसमें से 331 में वाद अपर जिलाधिकारी नगर की कोर्ट में दायर किए हैं। इससे साफ है कि लोगों के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाने वाले खाद्य पदार्थ बेचे जा रहे हैं। तमाम नमूनों की अधोमानक रिपोर्ट भी इस बात की तस्दीक कर रही है। अपर जिलाधिकारी नगर की कोर्ट से 149 वादों में निर्णय सुनाया जा चुका है। इसमें 149 खाद्य कारोबारियों पर 1 करोड़ 53 लाख 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जा चुका है। नवंबर में 7 लाख 60 हजार का जुर्माना लगा था। करीब आठ माह में जिले में 1705 खाद्य विक्रेताओं के यहां निरीक्षण किया गया है। इसमें 212 विक्रेताओं की दुकानों पर छापेमारी की गई है।
समीक्षा बैठक आज, डीएम रिपोर्ट देखकर अफसरों से करेंगे सवाल जवाब
जिलाधिकारी रविंद्र कुमार बुधवार को सभी विभागों के अधिकारियों के साथ मासिक समीक्षा बैठक करेंगे। इसमें राजस्व, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग के कार्यों की समीक्षा भी करेंगे। इस समीक्षा के लिए सभी विभागों ने अपनी रिपोर्ट तैयार की है। रिपोर्ट देखकर ही डीएम संबंधित विभाग के अधिकारी से सवाल-जवाब करेंगे।
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