बरेली: रेलवे की छह कॉलोनियों के 382 आवास रहने लायक नहीं
कंडम घोषित होने वाले आवास किए जाएंगे ध्वस्त
बरेली, अमृत विचार। तीन महीने पहले लखनऊ की रेलवे काॅलोनी में आवास की छत गिरने से पांच लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद रेल प्रशासन ने सबक लिया और जर्जर आवासों को चिह्नित कर उनको कंडम घोषित करने के साथ ध्वस्तीकरण का काम शुरू किया गया। इज्जतनगर रेल मंडल में चिह्नांकन में सामने आया कि सीनियर सेक्शन इंजीनियर कार्य इज्जतनगर के अधीन आने वाले 382 आवास रहने लायक नहीं हैं। अब इन्हें ध्वस्त किया जाएगा।
लोको काॅलोनी, स्टेशन काॅलोनी, ऑफिस काॅलोनी, हॉस्पिटल काॅलोनी, सीबीगंज काॅलोनी और दोहना स्टेशन काॅलोनी में रेल प्रशासन ने पहले 241 मकानों को कंडम घोषित किया था। अब एक बार फिर इन काॅलोनियों के 141 मकानों को कंडम आवासों की श्रेणी के लिए अनुमोदित किया गया है। लिहाजा रेलवे की नजर में अब 382 मकान रहने लायक नहीं हैं। दो दिन पहले जिन आवासों को कंडम घोषित करने के लिए अनुमोदन मिला है उनमें सबसे ज्यादा मेडिकल कालोनी के टाइप-1 श्रेणी के 73 मकान शामिल थे। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि जिन मकानों को कंडम आवासों की सूची में डाला गया है, अगर वहां कोई रह रहा है तो नोटिस देकर आवास को खाली कराया जाएगा। इसके बाद टेंडर निकालकर इनके ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू की जायेगी। फिलहाल की स्थिति में सीनियर सेक्शन इंजीनियर कार्य इज्जतनगर के अधीन आने वाली कालोनियों में रेल आवासों की संख्या 538 है।
रोड नंबर-4 कॉलोनी में 401 मकान ध्वस्त
रेलवे के सबसे ज्यादा अगर आवास किसी कालोनी में हैं तो वो रोड नंबर चार स्थित काॅलोनी में हैं। यहां रेलवे आवासों की संख्या 1243 थी लेकिन 401 मकानों के कंडम घोषित होने के बाद इनको ध्वस्त किया गया। लिहाजा अब 842 आवास बचे हैं। जिनमें से 18 रेल आवास, 138 आउट हाउस, तीन शौचालय ब्लॉक और छह पुराने पंप हाउस को कंडम घोषित करने के लिए अनुमोदन मिलना बाकी है।
जिन मकानों को कंडम घोषित किया गया है उनका ध्वस्तीकरण जल्द कराया जाएगा। अगर कोई इन मकानों में रह रहा है तो नोटिस देकर उसे खाली कराया जाएगा। जोनल अधिकारियों के आदेश पर कंडम आवासों का चिह्नांकन कराया जा रहा है। -राजेंद्र सिंह, जनसंपर्क अधिकारी, इज्जतनगर रेल मंडल
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