बदायूं : शव में आंख न होने के मामले में पीएमएस ने फॉरेसिंक विशेषज्ञ से जांच कराने की उठाई मांग

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

दो डॉक्टर हो चुके हैं गिरफ्तार

लखनऊ, अमृत विचार। बदायूं जिले में मृतक महिला के शव में आंख न होने के मामले में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य महानिदेशक से प्रान्तीय चिकित्सा सेवा संघ (पीएमएस) ने सक्रिय हस्तक्षेप करने की मांग की है। प्रान्तीय चिकित्सा संघ की तरफ से महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य से सरकारी फॉरेन्सिक परामर्शदाता से जांच कराने की मांग की गई।

दरअसल,  बदायूं जिले में तीन दिन पहले एक महिला की मौत संदिग्ध परिस्थितयों हो गई थी, महिला के भाई का आरोप था कि उसकी बहन की हत्या दहेज के लालच में ससुराल के लोगों ने कर दी है। इसी ममाले में पुलिस ने दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था।

परिजनों की तरफ से आरोप लगाया गया है कि जब अंतिम संस्कार के लिए पोस्टमार्टम के बाद सील को खोला गया तो शव से दोनों आंखे गायब थीं। आरोप लगाया गया कि पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों व कर्मचारियों ने आंखे गायब कर दी है। जिसके बाद पुलिस ने मानव अंग तस्करी का मामला दर्ज कर दोनों आरोपित डॉक्टरों को गिरफ्तार कर लिया।

इसी मामले में उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने भी तत्काल कार्रवाई करते हुए बदायूं के सीएमओ डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय को निलंबित कर दिया है। प्रान्तीय चिकित्सा सेवा संघ ने गिरफ्तार दोनों डॉक्टरों के मामले में शव की फॉरेन्सिक विशेषज्ञ से जांच की मांग उठाई है। जिससे असल बात का पता चल सके। पीएमएस की तरफ से यह भी कहा गया है कि बिना पूरी जांच के डॉक्टरों को गिरफ्तार करना उचित नहीं है। स्थानीय लोगों की मानें तो रविवार के दिन दोपहर में महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। पुलिस ने शाम को पोस्टमार्टम के लिए शव भेजा था। पोस्टमार्टम दूसरे दिन सोमवार को दोपहर में हुआ था। पोस्टमार्टम होने में ही करीब 18 घंटे का समय लगा था।

लखनऊ: एलएलबी की परीक्षा में दो दिन लगातार नकल करते पकड़ा गया रिटायर्ड आईपीएस, जानिए क्या मिली सजा

संबंधित समाचार