रिटायर होने के बाद भी लामार्टिनियर के प्रिंसिपल ले रहे निर्णय, शिक्षकों ने जताई आपत्ति, कहा कॉलेज में कुछ ठीक नहीं
अमृत विचार लखनऊ। राजधानी के लामार्टीनियर कॉलेज में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। प्रिंसिपल अपने आपको स्वयंभू सझकर रिटायरमेंट के बाद भी निर्णय ले रहे हैं। और सोशल मीडिया पर अभिभावकों को गुमराह करते हुए खुद को प्रिंसिपल अभी भी बता रहे हैं। इसके अलावा कर्मचारियों और शिक्षकों का भी शोषण किया जा रहा है। ये आरोप है यहां तैनात शिक्षकों का। शिक्षकों का कहना है कि स्कूल में मनमानी चरम पर है। ऐसे में उनकी मांग है कि शासन उनकी सहायता करे और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से भी मदद की गुहार लगाई है।
शिक्षकों ने रविवार को प्रेस क्लब में प्रेस कान्फ्रेंस का आयोजन कर प्रिंसिपल के कारनामें उजागर किए। शिक्षकों ने बताया कि वह विद्यालय में पिछले 25 सालों से अधिक समय से अपनी सेवाएं दे रहे हैं लेकिन अब उनसे गालियों से बात की जा रही है। शिक्षक ने रिटायर्ड प्रिंसिपल पर बदलसलूकी का भी आरोप लगाया है। प्रेस कान्फ्रेंस के दौरान हिंदी के शिक्षक अमित कुमार अवस्थी ने बताया कि विद्यालय में करीब 150 शिक्षक हैं। इन शिक्षकों का न तो इंक्रीमेंट किया गया नही 7पे कमीशन का लाभ दिया गया। अमित कुमार ने बताया कि नियम के मुताबिक हम लोग सीधे चेयरमैन से नहीं मिल सकते हैं ऐसे में हम लोगों ने प्रिंसिपल के माध्यम से अपनी समस्या का निस्तारण कराने के लिए कहा और कई समस्याओं को रखा लेकिन दो-दो बार शिकायत के बाद भी समाधान नहीं हुआ।
उन्होंने बताया कि शिकायती पत्र का प्रिंसिपल ने क्या किया ये भी नही बताया गया। पूछे जाने पर प्रिंसिपल की ओर से गाली गलौच की जाती है। वहीं हिंदी के टीचर देश बंधु त्रिपाठी ने बताया कि कॉलेज में वर्षों से नियुक्त हम चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के साथ हमारे लामार्टीनियर कॉलेज के शिक्षकगण देशबंधु त्रिपाठी, जेवी नागेंद्र राव, विनय मिश्रा नागेश दत्त शर्मा, डीए ट्रिग, अयम मिश्र सभी ने कहा अब नये प्रिंसिपल की तैनाती होनी चाहिए।
इंटर व्यू होने के बाद भी नये प्रिंसिपल की तैनाती नहीं
लामार्टीनियर कॉलेज में नई तैनाती न होने से प्रिंसिपल के रिटायरमेंट होने के बाद से पद खाली हो चुका है। प्रिंसिपल द्वारा पहले से 12 दिसंबर को पद छोड़ देने की बात कही गई थी बावजूद इसके अभी तक नए प्रिंसिपल की तैनाती न होने सवाल खड़े कर रहा हैं। जबकि 21 लोगों का प्रिंसिपल पद के लिए इंटरव्यू भी हो चुका है। शिक्षकों का आरोप है कि जिन लोगो इंटरव्यू हो चुका है उसमें बताया जा रहा कि योग्य नहीं है। ऐसे में कमिश्नर डॉ. रोशन जैकब ने प्रमुख सचिव न्याय एवं विधि परामर्शी को पत्र लिखकर इसकी जानकारी दी हैं।
बता दें कि प्रधानाचार्य ने 10 सितम्बर को पत्र लिखकर अधिवर्षता आयु पूरी होने को ध्यान में रखते हुए 12 दिसंबर को अपने पदीय दायित्वों से मुक्त होने की इच्छा जताई थी। कमिश्नर के अनुसार ट्रस्टीज की ओर से नए प्रिंसिपल का चयन करने के लिए तभी से प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी। लोक कमेटी ऑफ गवर्नेस की ओर से प्रकाशित विज्ञापन के जवाब में 183 आवेदन आए। इनमें से चयन समिति ने 20 नवम्बर को 21 उम्मीदवारों का साक्षात्कार लिया। साथ ही 22 नवंबर को प्रधानाचार्य का चयन करने को लिखित संस्तुति चेयरमैन स्थानीय समिति को सौंप दी थी। कमिश्नर ने प्रधानाचार्य की नियुक्ति के संबंध में प्रमुख सचिव से अधिकारों का प्रयोग करते हुए मार्गदर्शन करने की बात लिखी हैं। बता दें कि प्रमुख सचिव विधि एवं परामर्शी इसके ट्रस्टी भी हैं।
शिक्षकों ने प्रिंसिपल पर लगाये मनमानी के ये आरोप
1- प्रिंसिपल के नियुक्ति पत्र की शर्तों एवं नियुक्ति अधिकारियों (ट्रस्टी) के पत्राचार के अनुसार प्रिंसिपल 12 दिसंबर 2023 को सेवानिवृत्त हो गये हैं।
2- वह अवैध रूप से पद पर हैं और अपने नियुक्ति अधिकारियों, ट्रस्टियों के अधिकार के बिना निर्देश जारी कर रहे हैं। आरोप है कि सेवानिवृत्त होने के बाद 12 दिसंबर 2023 की रात को, उन्होंने टेलीफोन पर स्टाफ के कई सदस्यों को अपने घर बुलाया और उन्हें माफी पत्र पर हस्ताक्षर करने के लिए धमकाया क्योंकि उन्होंने नियुक्ति अधिकारी (मुख्य सचिव) को 50 जिम्मेदार स्टाफ द्वारा हस्ताक्षरित एक ईमेल लिखने की हिम्मत की थी। स्टाफ के सदस्य कॉलेज की 700 एकड़ संपत्ति और वित्त की सुरक्षा के साथ-साथ स्टाफ और छात्रों की भलाई के लिए प्राधिकरण के उचित परिवर्तन का अनुरोध कर रहे हैं। अपनी सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के 3 सदस्यों और 2 सहायक शिक्षकों को मुख्य सचिव को ईमेल पर हस्ताक्षर करने के लिए उकसाने के लिए स्टाफ के 6 नामित अन्य सदस्यों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए धमकाया।
- 13 दिसंबर 2023 को अपनी सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने स्टाफ के कई सदस्यों को शोकेस नोटिस जारी किया।
- 15 दिसंबर 2023 को अपनी सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने 3 अन्य अस्थायी स्टाफ सदस्यों की सेवाएं समाप्त कर दीं।
- 15 दिसंबर 2023 को अपनी सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने अन्य नामित कर्मचारियों के खिलाफ एफ.आई.आर. दर्ज करने के लिए थाना गौतमपल्ली को 20 पुलिस शिकायतें जारी कीं।
- 15 दिसंबर 2023 को अपनी सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने स्टाफ के कुछ और सदस्यों को कारण बताओ नोटिस जारी किया।
कॉलेज की ओर से 9 दिसम्बर की बैठक की कार्यवृत्ति को बताया विवादित
- - पृष्ठ 2 की पहली पंक्ति में कहा गया है कि "2023 की सर्वसम्मति से पुष्टि की गई है और वर्तमान प्रिंसिपल को सत्र लाभ की स्वीकार्यता" तथ्यात्मक रूप से गलत है क्योंकि 3 सदस्यों ने चर्चा के अनुसार दर्ज नहीं होने के कारण मिनटों पर अपनी असहमति दर्ज की है।
- - 3 सदस्यों ने अपनी असहमति दर्ज की है और रिकॉर्डिंग सचिव से मिनटों को सही ढंग से पुनः प्रस्तुत करने के लिए कहा है, जो नहीं किया गया है और इस विवादित/गलत दस्तावेज़ को बहुमत 4:3 द्वारा अनुमोदित माना गया है।
- - बहुमत कारक भी विवादित है क्योंकि प्रिंसिपल ने अपने स्वयं के विस्तार के लिए मतदान किया है।
- - सेवा विस्तार का अधिकार हमेशा नियुक्ति प्राधिकारी और इस मामले में ट्रस्टी, लखनऊ मार्टिन चैरिटीज़ के पास होता है। रिकोड किए गए मिनटों के अनुसार एल.सी.जी. के सदस्यों ने ऐसे मामलों में अपने अधिकार का उल्लंघन किया है। अधिक से अधिक वे ट्रस्टियों को विस्तार की सिफारिश कर सकते थे।
- - कर्मचारियों के लिए विद्यालयीन सेवा एवं आचरण नियमावली में स्पष्ट उल्लेख है कि प्रिंसिपल को सत्र लाभ अनुमन्य नहीं है। उचित प्रक्रिया के माध्यम से नियमों में संशोधन किए बिना, यह संकल्प और दर्ज मिनट्स अमान्य हैं।
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