ट्रेन में नहीं लगी बोगी, यात्रियों के वेटिंग टिकट को ​कर दिया गया आरक्षित

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लखनऊ, अमृत विचार। नई दिल्ली से राजगीर को जाने वाली श्रमजीवी सुपरफास्ट कोविड-19 स्पेशल ट्रेन में गुरुवार को बड़ी लापरवाही सामने आई है। इस ट्रेन में डी-5 कोच ही नहीं लगाया गया। ट्रेन में बोगी नहीं और रेल यात्रियों के वेटिंग टिकट को इसी कोच में आरक्षित कर दिया गया। आईआरसीटीसी व उत्तर रेलवे लखनऊ …

लखनऊ, अमृत विचार। नई दिल्ली से राजगीर को जाने वाली श्रमजीवी सुपरफास्ट कोविड-19 स्पेशल ट्रेन में गुरुवार को बड़ी लापरवाही सामने आई है। इस ट्रेन में डी-5 कोच ही नहीं लगाया गया। ट्रेन में बोगी नहीं और रेल यात्रियों के वेटिंग टिकट को इसी कोच में आरक्षित कर दिया गया।

आईआरसीटीसी व उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल रेल प्रशासन की उदासीनता के चलते दो दर्जन से अधिक यात्रियों ने दूसरे कोचों में खड़े होकर यात्रा करने को बाध्य रहे। इसके अलावा कुछ यात्रियों ने विकलांग कोच में परिवार को लेकर इमरजेंसी में सफर​ किया ।

लखनऊ से 24 सितंबर को अजीत कुमार सिंह अपने परिवार के साथ बक्सर जाने के लिए ट्रेन संख्या 02392 में रिजर्वेशन कराए थे जिसका पीएनआर नंबर-2211139393 था। यात्री को कोच संख्या डी-5 में बर्थ संख्या 2,6,10 एलाट हुई थी।

यात्री ट्रेन आने के निर्धारित समय से एक घंटे पहले जब चारबाग स्टेशन पर पहुंचा तो स्टेशन परिसर में प्रवेश के दौरान प्रवेशद्वार पर एक रेल कर्मचारी मौजूद थे जो रजिस्ट्रर लेकर बैठे थे और सबका नाम, ट्रेन नाम, कोच, बर्थ, रजिस्ट्रर पर लिख रहे थे।

रेल कर्मचारी ने जब इनसे पूछा कि किस ट्रेन का​ टिकट है कंफर्म है तो इन्होंने बताया कि श्रमजीवी एक्सप्रेस का टिकट और डी-5 में मेरा बर्थ आरक्षित है। तब कर्मचारी ने बताया कि इस ट्रेन में आज यह कोच ही नहीं लगाया गया है।

हालांकि वह प्लेटफार्म पर पहुंचे ट्रेन आने के बाद जब वह कोच ढूढने लगे तो उन्हे कहीं कोच नहीं मिला। जब उन्होंने टीटीई एच सिंह से संर्पक किया तो उन्होंने कहा कि कोच ही नहीं लगा है।

आईआरसीटीसी और उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के रेल प्रशासन अधिकारियों की बड़ी लापरवाही का आलम यह रहा कि ट्रेन संख्या 02392 श्रमजीवी सुपरफास्ट कोविड-19 स्पेशल ट्रेन में 24 सितंबर को वेटिंग कराए यात्रियों का टिकट कंर्फम कर दिया गया>

लेकिन जब यात्री सफर करने के लिए अपने परिवार के साथ ट्रेन में सवार हुए तो पता चला कि डी-5 कोच ही नहीं है लखनऊ के चारबाग स्टेशन पर यात्री कोच ढूढ़ते रहे उन्हे कोच ही नहीं मिला यात्रियों का कहना था कि जब कोच ही नहीं लगा है तो कैसे उनका टिकट आरक्षित कर दिया गया।

दो दर्जन से अधिक यात्रियों ने इसकी शिकायत जब कंट्रोल रुम को की लेकिन उनकी समस्या पर कोई ध्यान हीं नहीं दिया गया। अत: मायूस होकर किसी ने विकलांग कोच तो किसी ने अन्य कोच खड़े होकर सफर करने को मजबूर रहे ।

बोगी के नाम पर दो दर्जन यात्री गुमराह
उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल रेल प्रशासन की ओर से गुरुवार को श्रमजीवी कोविड स्पेशल ट्रेन में बोगी और आरक्षित टिकट के नाम पर दो दर्जन यात्रियों को गुमराह किया गया। यात्री एक छोर दूसरे छोर इंजन तक कोच को खोजते रहे पर उनको डी-5 कोच नहीं मिला।
टीटीई इन यात्रियों को गुमराह करते हुए कहा कि जाओ कोच देखो लगा है जब ट्रेन चलने लगी तो यात्री दूसरे कोचों में सवार होकर खड़े रहे। जब ट्रेन वाराणासी के कैंट स्टेशन पर पहुंची थी वहां भी एक दर्जन से अधिक यात्रियों को इसी कोच में आरक्षित टिकट था जो कोच खोजे पर कोच नहीं मिला। उन्होंने इस पर रेल मंत्रालय को ट्ववीट कर शिकायत दर्ज कराई ।

“ट्रेन में कोच नहीं लगने की शिकायत गंभीर है मैने उच्चधिकारियों को अवगत कराकर जांच के आदेश दिये है। अगर लापरवाही हुई तो इसमें कार्रवाई की जाएगी।”–जगतोष शुक्ला,सीनियर डीसीएम, उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल

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