केजीएमयू : कर्मचारियों के वेतन कटौती की जिम्मेदारी Xeam वेंचर्स पर, मरीजों की समस्याओं का जिम्मेदार कौन
लखनऊ, अमृत विचार। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की वेतन कटौती कई लोगों की जिंदगी में दर्द दे गई। यह दर्द मरीजों के साथ उनके परिजनों को भी उठाना पड़ा । इलाज के लिए ओपीडी पहुंचे मरीजों में किसी का पर्चा नहीं बना तो कोई ट्रामा में मरीज भर्ती के इंतजार में सिर्फ इंतजार ही करता रहा। किसी का बच्चा ऑक्सीजन पर एंबुलेंस में था तो किसी का स्ट्रेचर पर। इलाज की आस लिये लोग कभी कर्मचारियों को तरफ, तो कभी ट्रामा की तरफ सिर्फ देखे जा रहे थे। तो कुछ ऐसे भी थे जिन्होंने कर्मचारियों का उग्र रूप देखा तो ट्रामा से जाना ही बेहतर समझा।
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हालांकि इस बीच ट्रामा सेंटर प्रशासन यह दावा करता रहा कि पर्चे बनाये जा रहे हैं। मरीजों की भर्ती की जा रही है, लेकिन ट्रामा के बंद चैनल की वजह से अंदर जाने के लिए दूसरे रास्ते पर सिर्फ जद्दोजहद ही करनी पड़ रही थी। बिल काउंटर पर कर्मचारी नदारद थे और लोग लाइन में खड़े थे। इस बीच दूसरे रास्ते पर भी लोगों को कर्मचारियों के गुस्से का शिकार होना पड़ा और यह सब कुछ हुआ Xeam वेंचर्स की वजह से। इतना ही नहीं Xeam वेंचर्स न सिर्फ बुधवार को मरीजों की मुश्किले बढ़ाई बल्कि आउटसोर्सिंग पर काम कर रहे कर्मचारियों और उनके परिजनों के मुंह का निवाला छिनने का भी काम किया।
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आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की वेतन कटौती के लिए Xeam वेंचर्स को खुद केजीएमयू प्रशासन ने जिम्मेदार ठहराया है। एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा गया है कि केजीएमयू प्रशासन कर्मचारियों की हर समस्या को लेकर गंभीर है। संविदा कर्मचारी की ओर से बताई गई बातों को गंभीरता से लिया है और उसका हर स्तर पर समाधान कराया जायेगा। संविदा कर्मचारी सेवा प्रदाता संस्था ज़ेम वेंचर्स के माध्यम से तैनात किए गए हैं। ऐसे में उनकी हर तरह की जिम्मेदारी जेम वेंचर्स की है। पूरे मामले की जांच कराई जा रही है। प्रथम दृष्टया यह बात सामने आई है कि अनजाने में वेतन कटौती हुई है। इसकी जिम्मेदारी Xeam वेंचर्स की है। सेवा प्रदाता संस्था को निर्देश दिया गया है कि प्रभावित कर्मचारियों को तुरंत उनका भुगतान करे।

बता दें कि बुधवार को वेतन कटौती से नाराज कर्मचारियों ने किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी में प्रदर्शन शुरू कर दिया है। प्रदर्शन में टेक्नीशियन, वार्ड ब्वॉय, कम्प्यूटर ऑपरेटर समेत कई कर्मचारी शामिल रहे। आरोप है कि आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को इस महीने का वेतन काट कर दिया गया है। आउटसोर्सिंग कर्मचारियों में 600 से अधिक नर्स भी शामिल रहीं। आउटसोर्सिंग कर्मचारियों ने ओपीडी से लेकर ट्रामा सेंटर तक जमकर प्रदर्शन और नारेबाजी किया है। इस दौरान केजीएमयू ट्रामा सेंटर के गेट पर पहुंच कर कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। जिसके चलते ट्रामा सेंटर का मुख्य दरवाजा बंद कर दिया गया और मरीजों की भर्ती दूसरे गेट से शुरू की गई। पुलिस और केजीएमयू प्रशासन ने आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को समझाने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं माने काफी देर तक ट्रामा सेंटर के मुख्य दरवाजे पर खड़े होकर नारेबाजी करने करते रहे।
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