लखीमपुर-खीरी: सांसदों के निलंबन के विरोध में इंडिया गठबंधन ने किया धरना-प्रदर्शन
लखीमपुर-खीरी, अमृत विचार। सांसदों के निलंबन के विरोध में इंडिया गठबंधन ने शुक्रवार को सपा, कांग्रेस, राष्ट्रीय लोकदल, मार्क्सवादी कम्यूनिष्ट पार्टी माले आदि के साथ भाजपा के खिलाफ विलोबी मैदान में धरना-प्रदर्शन किया और जमकर नारेबाजी की। दोपहर करीब एक बजे सभी प्रदर्शनकारी जुलूस की शक्ल में नारेबाजी करते हुए कलक्ट्रेट परिसर में पहुंचे और डीएम कार्यालय पर राष्ट्रपति को संबोधित एक पांच सूत्रीय ज्ञापन एसडीएम को सौंपा।
सपा निवृतमान जिलाध्यक्ष रामपाल सिंह यादव ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार ने लोगों की समस्याओं व सांसद की सुरक्षा की बावत चर्चा करने से इंकार कर दिया था। इस पर जब विपक्षी दलों के सांसदों ने चर्चा की मांग की तो विपक्षी दलों के 146 सांसदों को निलंबित कर लोकतंत्र को कुचल दिया गया।
पूर्व एमएलसी शशांक यादव ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार जनता की समस्याओं पर चर्चा करवाने से घबराती है। संसद की सुरक्षा के प्रति भी गंभीर नहीं है। सुरक्षा को भेदकर जिस तरह प्रदर्शनकारी संसद में घुस गए। इस पर चर्चा होनी चाहिए थे, लेकिन मोदी सरकार ने चर्चा न कराकर लोकतंत्र एवं संवैधानिक मूल्यों को आघात पहुंचाया है।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रहलाद पटेल ने कहा कि मोदी सरकार निर्ममता से ताना शाही ढंग से सब कुछ कुचलना चाह रही है। ऐसे कृत्यो का तिरस्कार का यह प्रदर्शन है। भाकपा माले की केंद्रीय कमेटी सदस्य कामरेड कृष्णा अधिकारी ने कहा कि मोदी सरकार के विपक्ष पर लगातार बढते हमले, सांसदों की गिरफ्तारी और अब 146 सांसदों का निलंबन लोकतंत्र और संविधान की हत्या है।
इतिहास इस बात का गवाह है कि यह हत्या जर्मनी में हिटलर ने की थी। इसका परिणाम क्या हुआ सभी जानते हैं, जो हिटलर की चाल चलेगा। वह हिटलर की मौत मरेगा। मोदी सरकार पहले ही राष्ट्रीय संपत्ति अडानी, अंबानी के हवाले कर चुकी है।
अब किसानों की जमीन उनके हवाले करने, दलित, पिछड़े, महिलाओं व शिक्षत बेरोजगारों को अधिकार विहीन करने के लिए विपक्ष मुक्त संसद बनाने पर तूली है। वह संप्रदायिक विभाजन को तिखा बना कर अल्प संख्यकों के नरसंहार को जारी रखने के लिए प्रति दिन नये नये सडयंत्र रचने में व्यस्त है।
देश की शान महिला पहलवानों का अपमान जारी रखने के लिए बृजभूषण शरण सिंह के पार्टनर संजय सिंह को कुश्ती संघ का अध्यक्ष बनाया जाना इसी का परिणाम है। इस अपमान के विरुद्ध महिला पहलवान साक्षी मलिक ने कुश्ती से सन्यास लेने का साहस किया है।
समय आ गया है कि उत्पीड़ित जनगण व विपक्षी दल इंडिया गठबंधन के झंडे तले एक जुट हों और 2024 के लोक सभा चुनाव में बीजेपी को पराजित कर लोकतंत्र व संविधान की रक्षा करें।
ज्ञापन में मांग की गई है कि लोकतंत्र व संविधान की मजबूती के लिए केंद्र सरकार को नया जनादेश लेने के लिए निर्देशित किया जाए। इस दौरान शहर अध्यक्ष सिद्धार्थ शंकर त्रिवेदी, पूर्व सांसद रवि वर्मा, सहजेन्द्र दीक्षित, दीपक वाजपेयी, इम्तियाज़ अली, सपा के अंसार महलूद, अंजलि सिंह, पूनम यादव, रामदरश, आरती राय, रामकिसुन समेत तमाम पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।
पुतला फूंकने का लेकर पुलिस से झड़प
सांसदों के निलंबन के विरोध में प्रदर्शन कर रहे इंडिया गठबंधन ने भाजपा का पुतला फूंकने की कोशिश की, लेकिन पहले से ही सतर्क पुलिस ने उसे असफल कर दिया। पुतला फूंकने को लेकर कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच नोकझोक भी हुई। आंदोलन को देखते हुए विलोबी मैदान में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।
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