लोकसभा से सांसदों का निलंबन लोकतंत्र की हत्या का प्रयास: पूर्व सांसद धर्मेंद्र यादव

Amrit Vichar Network
Published By Vikas Babu
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बदायूं, अमृत विचार। लोकसभा से 142 सांसदों के निलंबन के विरोध में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व पर सपा कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया गया। पूर्व सांसद धर्मेंद्र यादव ने भाजपा सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए। धरना का नेतृत्व सपा जिलाध्यक्ष आशीष यादव ने किया।

राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिला राजस्व अधिकारी जीत सिंह राय को सौंपा। पूर्व सांसद ने कहा कि देश की सबसे बड़ी पंचायत में 142 से अधिक सांसदों को अलोकतांत्रिक तरीके से एक षड्यंत्र के तहत निलंबित किया गया। ऐसा करके भाजपा ने लोकतंत्र की हत्या करने का प्रयास किया है। जबकि मैसूर के जिस सांसद की सिफारिश पर वह युवक संसद में पहुंचे थे उसपर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई और न ही सरकार उस पर कोई जवाब देना चाहती है। 

उन्होंने कहा कि भाजपा सांसद रमेश विधूड़ी ने संसद में एक सांसद के विरुद्ध अमर्यादित भाषा का उपयोग कर टिप्पणी की है। उस पर भी भाजपा सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की है। समाजवादी पार्टी द्वारा रमेश विधूड़ी को निलंबित करते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है। कहा कि प्रदेश की जनता भाजपा नेताओं के काले मंसूबों को समझ चुकी है और आने वाले लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश से भाजपा का सूपड़ा साफ करके ही दम लेगी।

सपा जिलाध्यक्ष आशीष यादव ने कहा कि भाजपा की डबल इंजन की सरकार में बदायूं में कानून व्यवस्था नहीं बची है। यहां चोरी, डकैती, अपहरण जैसी जघन्य घटनाएं आम हो गईं हैं। किसान, छात्र, नौजवान, व्यापारी, दलित, अल्पसंख्यक आदि सहित समाज का हर वर्ग भाजपा की जनविरोधी नीतियों व साम्प्रदायिकता की सोच से त्रस्त हो चुकी है।

सपा जातीय जनगणना की पुरजोर तरीके से मांग करती है। जिससे जिसकी जितनी भागीदारी, उसकी उतनी हिस्सेदारी को अमली जामा पहनाया जा सके। समाज का शोषित, पीड़ित वर्ग को समाज मे बराबरी का दर्जा मिल सके। यही असली समाजवाद की परिभाषा है।

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