अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट से ट्रंप को झटका : अदालत ने राष्ट्रपति के आयात शुल्क आदेशों को बताया गैरकानूनी
वॉशिंगटन : अमेरिका की संघीय शीर्ष अदालत ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा 1977 के एक कानून के तहत प्राप्त आपातकालीन अधिकारों का प्रयोग करते हुए विभिन्न देशों के खिलाफ आयात शुल्क लगाने के लिए जारी आदेशों को शुक्रवार को गैर कानूनी करार दिया है।
ट्रम्प ने पिछले साल विभिन्न देशों के खिलाफ 1977 के अंतरराष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक अधिकार अधिनियम के तहत ऊंचे शुल्क लगाने के आदेश जारी किये थे, जिसे उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी गयी थी। अमेरिकी मीडिया की प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने व्यवस्था दी है कि राष्ट्रपति ट्रम्प ने राष्ट्रीय आपातकाल के समय के लिए आरक्षित अधिकारों का प्रयोग कर जिस तरह देशों पर मनमाने शुल्क लगाये वह कानून का उल्लघंन है।
अदालत के इस फैसले से ट्रम्प द्वारा लागू केवल वही आदेश प्रभावित होंगे, जो उन्होंने 1977 के आपातकालीन आर्थिक अधिकारों के तहत आरोपित किये थे। इस फैसले से राष्ट्रपति ट्रम्प द्वारा कनाडा, चीन और मेक्सिको के खिलाफ व्यापक तौर पर लागू किये गये शुल्कों पर रोक लग गयी है।
प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट के नौ न्यायाधीशों की पीठ के छह न्यायाधीशों ने ट्रम्प के आदेशों को कानून का अतिक्रमण करार दिया, जबकि तीन न्यायाधीश इस फैसले से सहमत नहीं थे। बहुमत के फैसले से असहमति जताने वाले न्यायधीशों में से एक ब्रेट केवनॉग ने अपने फैसले में लिखा कि न्यायालय के आदेश से राष्ट्रपति के शुल्क लगाने संबंधी अधिकारों पर आगे चलकर कोई बड़ी रोक नहीं लगेगी, बल्कि इससे अव्यवस्था ही उत्पन्न होगी।
