UP: भारत का समृद्ध ‘राज्य’ जो बन गया अपराधियों का ‘साम्राज्य’, विशुनगढ़ की वीरांगना रानी इंदुमती ने नहीं मानी थी अंग्रेजों के सामने हार
कन्नौज में भारत का समृद्ध ‘राज्य’ जो बन गया अपराधियों का ‘साम्राज्य’।
कन्नौज में भारत का समृद्ध ‘राज्य’ जो बन गया अपराधियों का ‘साम्राज्य’। विशुनगढ़ की वीरांगना रानी इंदुमती ने अंग्रेजों के सामने हार नहीं मानी थी। जिले की सीमा से सटा होने के कारण अपराधियों की शरणस्थली बना।
कन्नौज, छिबरामऊ, (दिलीप सिंह बिष्ट)। कभी विशुनगढ़ की गिनती भारत के समृद्ध राज्य के रूप में होती थी और अयोध्या में सरयू नदी तक उसकी सीमा थी। विशुनगढ़ की रानी इंदुमती का नाम इतिहास के स्वर्ण अक्षरों में अंकित है। यह राज्य कभी भी अंग्रेजों के अधीन नहीं रहा।
कालांतर में यह राज्य सिमटकर एक ग्राम पंचायत में रह गया और यहां अपराधियों का ‘साम्राज्य’ हो गया। यहां एक से बढ़कर एक दुर्दांत अपराधी हुए, जिस कारण यहां थाना बनाया गया। फिर भी अपराध और अपराधियों में कोई कमी नहीं आई।
विशुनगढ़ को पौराणिक ग्रंथों मे विष्णुपुरी या विशुनपुर के रूप में जाना जाता है, जहां हजारों साल पुराना ज्वाला देवी का प्राचीन मंदिर है। बाद में यह राज्य बना तो विशुनगढ़ के नाम से प्रसिद्ध हुआ। उत्तर भारत में सह समृद्ध राज्य था, जहां रानी इंदुमती ने शासन किया और अंग्रेजों के दांत खट्टे कर दिए थे।
रानी के निसंतान होने के कारण ईस्ट इंडिया कंपनी के गवर्नर जनरल लार्ड डलहौजी ने राज्य हड़प नीति के अंतर्गत विशुनगढ़ को भी अपने अधीन करने का प्रयास किया, लेकिन इससे पहले रानी ने वृंदावन के ठाकुर बांके बिहारी को राजा बना दिया और संतान के रूप में चौधरी सदानंद को गोद ले लिया।
विशुनगढ़ के किले के भग्नावशेष में आज भी बांके बिहारी का मंदिर और विग्रह विराजमान है। इस कारण यह राज्य कभी भी अंग्रेजों के अधीन नहीं रहा। मैनपुरी जिले की सीमा से सटा और ईशन नदी के किनारे होने से यहां अपराधी फलने फूलने लगे। यहां यादवों के 14 गांव हैं, जिनमें कई हिस्ट्रीशीटर हैं।
कई बार खाकी हो चुकी शिकार
विशुनगढ़ में सिपाही सचिन राठी की हत्या कोई पहली घटना नहीं है, बल्कि इससे पहले भी खाकी बदमाशों का शिकार हो चुकी है। 2012 में विशुनगढ़ थाने के दो सिपाहियों की शेखपुर गांव के पास वर्दी और राइफलें लूट लीं गईं थीं, जो कई माह बाद इटावा के बढ़पुरा थाना क्षेत्र से बरामद हुईं थीं। इसके बाद हिस्ट्रीशीटर मुनुआं यादव ने पैरोल पर आए सिपाहियों की राइफलें लूट लीं थीं। कई बार दबिश देने गई पुलिस पर भी हमला हो चुका है।
पुलिस मुठभेड़ में मारा गया था हजारी नट
विशुनगढ़ थाना क्षेत्र के सधू नगला का कुख्यात हजारी नट व उस्मानपुर का टिल्लू ठाकुर साल 2014 में इंदरगढ़ थाना क्षेत्र के मनसुखपुरवा गांव में पुलिस मुठभेड़ में मारे गए थे। हजारी नट पर 50 हजार का इनाम रखा गया था। इसके बाद गिरोह की कमान हजारी नट की पत्नी सुनीता ने संभाली तो पुलिस ने इटावा में उसे भी एनकाउंटर में मार दिया था। इसमें हजारी का साला इंदरगढ़ के ग्राम बहोसी निवासी गौरव नट भी मारा गया था। इसके अलावा और भी कई बदमाश हैं, जिनमें कई जेल में बंद हैं तो कई फरार चल रहे हैं।
विशुनगढ़ के कुख्यात अपराधी
हिस्ट्रीशीटर निवासी अपराध
धरम सिंह उर्फ धर्मा ठाकुर उस्मानपुर हत्या, लूट, अपहरण, रंगदारी
मंटू ठाकुर उर्फ फौजी उस्मानपुर हत्या, लूट, अपहरण, रंगदारी
अनुज सिंह राठौर उस्मानपुर लूट, अपहरण, रंगदारी, चेन स्नेचिंग
भोला सिंह ठाकुर कैरदा हत्या, लूट, अपहरण, रंगदारी
अशोक यादव उर्फ मुनुआं धरनीधरपुर नगरिया हत्या, लूट, अपहरण, रंगदारी
सुखवीर सिंह यादव धरनीधरपुर नगरिया हत्या, लूट, अपहरण, रंगदारी
चंदगीराम यादव उर्फ पहलवान धरनीधरपुर नगरिया हत्या एवं हत्या का प्रयास
गंगा सिंह कुशलपुर कैरदा हत्या, लूट, अपहरण, डकैती
पप्पू जाटव उस्मानपुर हत्या, लूट, अपहरण, रंगदारी
सीपू यादव बहादुरपुर हत्या, लूट, अपहरण, रंगदारी
ताहर सिंह यादव शंकरपुर हत्या एवं हत्या का प्रयास
नाहर सिंह यादव शंकरपुर हत्या एवं हत्या का प्रयास
जवाहर सिंह यादव शंकरपुर हत्या एवं हत्या का प्रयास
