गोंडा: नए कानून के विरोध में वाहन चालकों ने थाम दिए पहिये, हड़ताल से जनजीवन हो रहा प्रभावित
नए कानून के विरोध में उतरे वाहन चालक, नारेबाजी कर किया प्रदर्शन
गोंडा। केंद्र सरकार के वाहन दुर्घटना संबंधित कानून में संशोधन करने के विरोध में सोमवार को वाहन चालक तीन दिवसीय हड़ताल पर चले गए। चालकों ने नए कानून का विरोध प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की तथा इस बिल को वापस लेने की मांग की। चालकों के हड़ताल से वाहनों के पहिए थम गए। इस हड़ताल से डीजल पेट्रोल समेत अन्य आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई बाधित होने का खतरा उत्पन्न हो गया है।
केंद्र सरकार वाहन दुर्घटना कानून में संशोधन कर नया कानून लाने का प्रावधान कर रही है। इस नए कानून के तहत दुर्घटना करने वाले वाहन चालक के खिलाफ सजा में कैद की अवधि बढ़ाने तथा मोटा जुर्माना लगाने का प्रावधान किया जा रहा है। इस नए कानून का वाहन चालक विरोध कर रहे हैं।
इस कानून से विरोध में सोमवार को बड़े वाहनों के चालक चक्का जाम कर हड़ताल पर चले गए। इस संशोधन को विरोध में वाहन चालकों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की। इस विरोध प्रदर्शन में ट्रक, टैंकर, निजी बस व रोडवेज बस चालक शामिल हुए। बस चालकों को हड़ताल पर चले जाने से सारी बसें डिपो में खड़ी हो गयी। इससे अपने गंतव्य को जाने को लिए निकले यात्रियों को कठिनाई का सामना करना पड़ा।
वहीं ट्रक व टैंकर चालकों को हड़ताल पर जाने से डीजल पेट्रोल, सीएनजी, घरेलू गैस व अन्य आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई ठप होने का खतरा उत्पन्न हो गया है। बस चालकों को मुताबिक यह सांकेतिक हड़ताल तीन दिन तक चलेगी। चालकों का कहना है कि अगर सरकार ने उनकी मागों पर गंभीरता से विचार नहीं किया तो इसे अनिश्चित कालीन हड़ताल में बदला जा सकता है। इसमे पूरे देश को वाहन चालक शामिल होंगे।
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