शाहजहांपु: 55827 की जांच में 5865 निकले डुप्लीकेट मतदाता, नोटिस जारी
समान नाम और फोटो से पकड़ में आया मामला
शाहजहांपुर, अमृत विचार। शुरूआती दौर में डुप्लीकेट मतदाताओं में शामिल हुए 55 हजार 827 मतदाताओं की जांच पूरी हो गई है। सभी जांचों से गुजरने के बाद पांच हजार आठ सौ 65 मतदाता वोट काटने के लिए चुने गए हैं। यह दो-दो विधान सभाओं में मतदाता हैं। अब इन्हें एक ही विधान सभा में मतदाता रखा जाएगा। वोट काटने के लिए नोटिस जारी कर दिया गया है।
चुनाव आयोग के निर्देश पर बीते दिनों मतदाता पुनरीक्षण अभियान चलाया गया। इस दौरान जिले भर में 55 हजार 827 डुप्लीकेट मतदाता पकड़ में आए थे। एक ही व्यक्ति के दो-दो विधान सभाओं में मतदाता बना होने की आशंका थी। यह जानकारी मतदाताओं के फोटो की जांच के दौरान सामने आई थी। पता चला था कि एक ही व्यक्ति का फोटो दो-दो विधान सभा में बने मतदाता से मिलान खा रहा है। इसी तरह चार हजार एक सौ 47 मतदाता ऐसे पकड़ में आए थे, जिनके नाम और पते समान थे।
जांच शुरू हुई तो पहले ही दौर में स्पष्ट हो गया है कि भले ही फोटो का मिलान हो रहा हो, लेकिन मतदाताओं की संख्या इतनी नहीं है। साथ ही समान नाम वाले मतदाता भी कम संख्या हैं। जांच में यह भी पता चला कि समान नाम होने के बाद भी मतदाता अलग-अलग हैं। कई मामलों में मानवीय त्रुटि सामने आई तो कुछ मामलों में मशीनी त्रुटि पकड़ में आई। कई मामलों में पता चला कि एक ही व्यक्ति का फोटो भूलवश दो-दो मतदाताओं की जगह पर लग गया है।
कई स्तर की जांच के बाद पता चला कि कंप्यूटर ने भले ही 55 हजार आठ सौ 27 डुप्लीकेट मतदाता दिखाए हों, लेकिन वास्तव में यह संख्या 5865 है। कुल 5852 समान फोटो वाले और 13 समान नाम वाले मतदाता हकीकत में ऐसे हैं जिनका वोट काटा जाना है। जानकारी होने के बाद अब इन्हें नाम काटने का नोटिस दिया गया है। मतदाताओं की ओर से नोटिस का जवाब देने के बाद वोट काटने की कार्रवाई की जाएगी।
फर्जी मतदान की बनी हुई थी आशंका
डुप्लीकेट मतदाता अगर पकड़ में नहीं आते तो लोक सभा चुनाव में फर्जी मतदान की आशंका बनी हुई थी। कई बार शिकायत मिलती है कि किसी व्यक्त का वोट किसी ने डाल दिया। अगर यह वोट समय रहते पकड़ में नहीं आते तो फर्जी मतदान से इनकार नहीं किया जा सकता है। समय रहते डुप्लीकेट मतदाता पकड़ में आने के चलते ऐसी स्थिति से निजात मिलती हुई दिखाई दे रही है।
अब सवाल यह उठ रहा है कि आखिर एक व्यक्ति दो-दो जगह मतदाता क्यों बना होगा। इसके पीछे तर्क है कि तमाम लोग समय-समय पर एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाकर बस जाते हैं। ऐसे में उनका वोट पहले जहां होता है वहां भी रहता है और दूसरी जगह भी बन जाता है। कई बार लोग अपनी रिश्तेदारी में जाकर रहने लगते हैं, जिसके चलते उनका वोट अपने मूल निवास और जहां वह जाकर रहने लगे हैं दोनों स्थानों पर बन जाता है। यह भी कहा जा रहा है कि कई बार नेता अपने खास लोगों का वोट दो जगह बनवा लेते हैं ताकि फर्जी वोटिंग कराई जा सके।
जिन मतदाताओं के दो-दो स्थानों पर नाम मतदाता सूची में हैं। उनकी बीएलओ व अन्य माध्यमों से जांच कराई गई है। जांच के दौरान तमाम लोगों का मत दो-दो विधान सभाओं में होने की पुष्टि हुई है। ऐसे सभी मत काटे जा रहे हैं।
-संजय कुमार पांडेय, एडीएम प्रशासन व उप जिला निर्वाचन अधिकारी।
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