बाराबंकी : कम लागत में टमाटर की खेती से किसान कमा रहे अच्छा मुनाफा
बनीकोडर/ बाराबंकी, अमृत विचार। विकास खण्ड बनीकोडर क्षेत्र के इमामगंज मजरे रतौली गांव के किसान पिंटू पांडेय टमाटर की खेती कर अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं। पिंटू पहले बड़े पैमाने पर धान गेंहू की खेती करते थे पर उन्हें उतना मुनाफा नही मिल पाता था। जितना होना चाहिए। खेती में लागत और मेहनत भी बढ़ती जा रही थी। ऐसे में इससे बाहर निकलते हुए पिंटू ने टमाटर की खेती शुरू कर दी। अब उन्हें कमाई और मुनाफे के लिए सोचना नहीं पड़ता।
करीब 6 वर्ष पूर्व इमामगंज के पिंटू पांडेय की क्षेत्र में कोई विशेष पहचान नहीं थी लेकिन टमाटर की खेती ने उन्हें पहचान भी दिला दी है। आजकल वह टमाटर की खेती करने वाले क्षेत्र के दूसरे किसानों के प्रेरणास्रोत बने हैं। किसान पिंटू बताते हैं कि शुरुआत में उन्होंने मात्र एक बीघा में टमाटर की पौध लगाई थी ।जिससे उन्हें करीब 20 हजार का मुनाफा हुआ था। इसके बाद उन्होंने टमाटर की खेती का रकबा बढ़ा दिया। इससे हर सीजन में उन्हें अच्छा मुनाफा होने लगा ।इस बार 6 बीघा में टमाटर की खेती की है। नवंबर के अंतिम सप्ताह से उनके खेत में लगे टमाटर पकने लगे। पके टमाटर तोड़ कर उसकी बिक्री होने लगी। मंडी में इस समय एक कैरेट टमाटर 430 रुपए में बिक रहा है। एक कैरेट में 28 से 30 किलो टमाटर आता है। पिंटू के खेतों से प्रतिदिन 15 से 20 कैरेट टमाटर तोड़ कर मंडी जा रहा है। इससे किसान को अच्छा फायदा हो रहा है।
कम लागत अधिक मुनाफा
पिंटू पांडेय की माने तो टमाटर की खेती में दूसरी फसलों की अपेक्षा कम लागत आती है और मुनाफा अधिक होता है। किसान के अनुसार इसकी खेती में प्रति बीघा 10 से 12 हजार की लागत आती है और फसल अच्छी होने पर 35 हजार तक का मुनाफा होता है। शुरुआत में उन्होंने देशी प्रजाति का टमाटर लगाया था लेकिन इस बार विशेषज्ञों की सलाह पर उन्होंने नामधारी 85 प्रजाति का टमाटर लगाया है। देसी की अपेक्षा फल ज्यादा बड़ा होने के कारण इस बार उन्हें अच्छा मुनाफा मिल रहा है। सब्जी मंडी में भी इस प्रजाति के टमाटर की ज्यादा मांग है।पिंटू पांडेय की प्रेरणा से क्षेत्र के कई अन्य किसान भी अब परंपरागत खेती छोड़कर टमाटर की खेती करने लगे हैं।
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