हरदोई: पुलिस मुठभेड़ में अपहरण के मास्टरमाइंड को लगी गोली, दो पुलिस के जवान भी हुए जख्मी
पिहानी/हरदोई। रेडीमेड कारोबारी के अपहरण की साज़िश को अंजाम देने वाले रविकांत की एसओजी टीम और पिहानी पुलिस के साथ मुठभेड़ हुई, जिसमें मास्टरमाइंड पैर में गोली लगने से ज़ख्मी हो गया। उसकी तरफ से की गई ज़वाबी फायरिंग में हेड कांस्टेबिल पवन सिंह और कांस्टेबिल सुरेन्द्र बहादुर भी ज़ख्मी हो गए। मुठभेड़ होने की खबर सुनते ही एएसपी पश्चिमी एमपी सिंह ने वहां पहुंच कर जांच की और ज़ख्मी साजिशकर्ता व दोनों पुलिस जवानों को मेडिकल कालेज में भर्ती कराया है।
बताते चलें कि 19 दिसंबर को पाली थाने के बारी गांव निवासी रेडीमेड कारोबारी रामजी मिश्रा का अपहरण कर लिया गया था। इस वारदात में शामिल तीन शातिरों को पुलिस ने पहले ही मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन पुलिस वारदात के साजिशकर्ता रविकांत जो कि बारी का रहने वाला है और लखनऊ में रहता है,की सरगर्मी से तलाश कर रही थी। उसी बीच एसएचओ पिहानी धर्मदास सिद्धार्थ और एसओजी टीम को पता चला कि अपहरण का मास्टरमाइंड रविकांत जहानीखेड़ा रेलवे क्रासिंग मनकापुर के पास से बाइक पर सवार हो कर कहीं भागने की फिराक में है।

इसका पता होते ही एसएचओ श्री सिद्धार्थ एसओजी टीम प्रभारी ब्रजेश मिश्रा और रामकृष्ण द्विवेदी के अलावा जहानीखेड़ा चौकी प्रभारी रामानंद मिश्रा,हेड कांस्टेबिल पवन सिंह कांस्टेबिल सुरेंद्र बहादुर व राजेंद्र यादव मनकापुर मोड़ के पास पहुंच कर चेकिंग शुरू कर दी। उसी बीच बाइक पर सवार युवक पुलिस को देख कर भागने लगा। जिस पर पुलिस ने उसका पीछा किया तो उसने फायरिंग शुरू कर दी। जवाब में पुलिस को भी फायरिंग करनी पड़ी।
इस मुठभेड़ में बाइक सवार युवक के पैर में गोली लगी,साथ ही हेड कांस्टेबिल पवन सिंह और कांस्टेबिल सुरेन्द्र बहादुर भी उसकी गोली से ज़ख्मी हो गए। पैर में गोली लगने से ज़ख्मी युवक ने अपना नाम रविकांत निवासी बारी बताया। उसके बताने पर पुलिस को सारी सच्चाई पता लगी। एएसपी पश्चिमी एमपी सिंह ने वहां पहुंच कर मुठभेड़ की गहराई से छानबीन की। उन्होंने रविकांत के अलावा दोनों पुलिस जवानों को इलाज के लिए मेडिकल कालेज में भर्ती कराया है।
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