शिवसेना बनाम शिवसेना: विधानसभा अध्यक्ष को गुणदोष के आधार पर फैसला देना चाहिए- सीएम शिंदे

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Edited By Amrit Vichar
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मुंबई। एक-दूसरे के विधायकों को अयोग्य ठहराने की मांग करने वाली शिवसेना गुटों की याचिकाओं पर महत्वपूर्ण फैसले से पहले महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बुधवार को कहा कि विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर को गुणदोष के आधार पर अपना फैसला देना चाहिए। शिंदे ने यहां पत्रकारों से कहा कि वह आदेश के बाद विस्तृत प्रतिक्रिया देंगे। 

उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग ने उनके संगठन को ‘शिवसेना’ नाम और पार्टी के ‘धनुष और तीर’ निशान को बनाए रखने की अनुमति दी है। विधान भवन के अधिकारियों ने कहा है कि नार्वेकर 10 जनवरी (बुधवार) को शाम चार बजे अयोग्यता याचिकाओं पर अपना फैसला सुनाएंगे। शिंदे ने कहा कि उनके गुट के पास विधानसभा में 67 प्रतिशत और लोकसभा में 75 प्रतिशत सदस्य हैं। 

उन्होंने कहा, ‘‘कुछ लोगों ने मैच फिक्सिंग (शिवसेना और विधानसभा अध्यक्ष के बीच) का आरोप लगाया है। उन आरोपों में कोई दम नहीं है। विधानसभा अध्यक्ष को गुणदोष के आधार पर फैसला लेना चाहिए।’’ उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) ने उच्चतम न्यायालय में एक हलफनामा दायर कर शिंदे और विधानसभा अध्यक्ष नार्वेकर के बीच हाल में हुई बैठक पर आपत्ति जताई है, जिससे दोनों पक्षों के बीच जुबानी जंग शुरू हो गई। शिंदे उन विधायकों में शामिल हैं जिनकी अयोग्यता की मांग की गई है। 

रविवार को नार्वेकर से अपनी मुलाकात की आलोचना का जिक्र करते हुए शिंदे ने कहा, ‘‘हमने विपक्षी विधायकों के विधानसभा अध्यक्ष के कार्यालय में भोजन करने पर कभी आपत्ति नहीं जताई।’’ शिंदे ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष आधिकारिक तौर पर अपने आधिकारिक वाहन में और दिन के उजाले में आए। मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष ने कोस्टल रोड समेत उनके निर्वाचन क्षेत्र में परियोजनाओं को लेकर मुलाकात की थी।

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