Good news : खतौनी की तर्ज पर खसरा भी मिलेगा ऑनलाइन, तैयारी में जुटा गोंडा प्रशासन 

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गांवों में कराया जा रहा सर्वे, किसानों ने किया स्वागत

उमरीबेगमगंज/ गोंडा, अमृत विचार। खसरे की नकल लेने के लिए तहसील और लेखपाल की परिक्रमा लगाने वाले किसानों के लिए राहत भरी खबर है।अब खतौनी की तर्ज पर खसरा भी ऑनलाइन मिल सकेगा इसके लिए सर्वे का काम शुरू कर दिया गया है। 

किसान क्रेडिट कार्ड समेत अन्य जरूरतों के लिए किसानों को खतौनी के साथ खसरे की आवश्यकता पड़ती है। ऑनलाइन होने की वजह से खतौनी तो आसानी से मिल जाती है लेकिन खसरा बनवाने के लिए किसानों को तहसील जाना पड़ता है। खसरा बनवाने के लिए किसानों को न सिर्फ लेखपालों की मनुहार करनी पड़ती है बल्कि पैसे भी खर्च करने पड़ते हैं।‌ कभी-कभी लेखपाल उन्हें कागज न होने का बहाना बनाकर टरका भी देते हैं। इससे किसानों को मायूस होकर खाली हाथ वापस लौट के लिए मजबूर होना पड़ता था। एक बार तहसील तरबगंज के एक लेखपाल को जरूरतमंद किसान से पैसा न मिलने पर लेखपाल ने खसरा बनाने के बाद उस पर कार्य सरकार हेतु लिख दिया था, जिसे बैंक ने मानने से इनकार कर दिया था।‌ ऐसी ही तमाम शिकायतें शासन स्तर पर पहुंच रही थी। इस समस्या के समाधान के लिए अब खतौनी के तर्ज पर खसरे को भी ऑनलाइन करने का फैसला लिया गया है। 

चकबंदी वाले गांव को छोड़कर बाकी सभी गांव में खसरा ऑनलाइन करने के लिए सर्वे का काम शुरू कर दिया गया है। सर्वे का काम पूरा होते ही उसे पोर्टल पर अपलोड कर दिया जाएगा। इसके बाद खतौनी की तर्ज पर ही खसरा भी ऑनलाइन मिलना शुरू हो जाएगा। इससे किसानों को तहसील के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। क्षेत्रीय किसान कुलदीप सिंह, जग प्रसाद यादव, देशराज सिंह, सूर्य प्रकाश सिंह, त्रिजुगी नारायण शुक्ला आदि लोगों ने सरकार की पहल का स्वागत किया है और खुशी प्रकट की है। 

वर्जन -
खसरे को ऑनलाइन करने से पहले धरातल पर सर्वे कराया जा रहा है। फरवरी माह तक इसे पोर्टल पर अपलोड कर दिया जाएगा। इसके बाद खसरा भी ऑनलाइन मिलने लगेगा। 
-अनीश सिंह, तहसीलदार- तरबगंज

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