Gyanvapi Case: चक्रपाणि महाराज की अपील- हिन्दुओं के मंदिर उन्हें सौंप दें मुस्लिम पक्षकार
लखनऊ। ज्ञानवापी परिसर की एएसआई रिपोर्ट आने के बाद साधु संतों और हिन्दू संगठन हमलावार हो गए है। इसी कड़ी में हिंदू महासभा के अध्यक्ष स्वामी चक्रपाणि महाराज ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया दी है। चक्रपाणि महाराज ने मुस्लिम पक्षकारों को सलाह दी है कि वो अब हिन्दुओं के मंदिर उन्हें सौंप दें और दुनिया में सदभावना की मिसाल पेश करें।
ज्ञानवापी मामले में एएसआई के साक्ष्य प्रमाण देखते हुए मुस्लिम पक्षकारों को ज्ञानवापी, मथुरा और अन्य मंदिरों से अपना दावा वापस लेकर सदभावना का उदाहरण पेश करना चाहिए 🌸🙏🌸स्वामी चक्रपाणि महाराज pic.twitter.com/VrcikuuSU7
— Swami Chakrapani Maharaj (@SwamyChakrapani) January 25, 2024
स्वामी चक्रपाणि महाराज ने कहा, 'ज्ञानवापी मामले में जिस तरह से एएसआई की निर्णायक रिपोर्ट सामने आ गई है, उससे साफ़ हो गया है कि ज्ञानवापी का जो ढांचा है उससे पहले वहां पर विशाल हिंदू सनातन मंदिर था। ये स्पष्ट पहले ही हो चुका है कई साक्ष्यों के आधार पर कि वहां पर भगवान विश्वेश्वर महादेव का वो स्थान था, जिसे मुगलों ने तोड़ कर मस्जिद बनाई थी।
'हिन्दुओं को उनके मंदिर सौंप दें'
चक्रापाणि महाराज ने कहा, ज्ञानवापी के पीछे भी जिस प्रकार से वजूखाने में शिवलिंग मिला और अनेक साक्ष्य उसके प्रमाण हैं। इसी प्रकार से मथुरा में और देश में ऐसे हमारे तमाम सैकड़ों और हज़ारों मंदिर हैं, जिन पर मुगल काल में तोड़कर मस्जिद के रूप में कब्जा किया गया था। मेरी मुस्लिम पक्षकारों से अपील है कि वो इन जगहों पर अपना दावा छोड़कर हिन्दुओं को उनका अधिकार सौंप दें और देश दुनिया में एक मिसाल पेश करें. देश दुनिया में सद्भावना कायम करें और ये बताएं कि अगर मुगलों ने कोई गलत काम किया तो वर्तमान पीढ़ी उनका साथ नहीं देगी।
दरअसल गुरुवार को एएसआई की 839 पन्नों वाली सर्वेक्षण रिपोर्ट की प्रतियां अदालत द्वारा संबंधित पक्षों को उपलब्ध करा दी गईं थी, इस रिपोर्ट से स्पष्ट है कि काशी विश्वनाथ मंदिर के बगल में स्थित मस्जिद 17वीं शताब्दी में औरंगजेब के शासनकाल के दौरान एक भव्य हिंदू मंदिर को ध्वस्त किए जाने के बाद उसके अवशेषों पर बनाई गई थी।
यह भी पढ़ें:-Republic Day 2024: देशभक्ति के हर्षोल्लास में डूबा उत्तर प्रदेश, झांकियों ने मोहा मन, देखें मनमोहक तस्वीरें और Video
