Chitrakoot: लिपिक की असामयिक मौत से आक्रोशित कर्मचारी और शिक्षक, कहा- पीड़ित परिवार के साथ खड़े, राएंगे हर संभव कार्रवाई
चित्रकूट में लिपिक की असामयिक मौत से आक्रोशित कर्मचारी और शिक्षक।
जिला बेसिक शिक्षाधिकारी कार्यालय में कार्यरत लिपिक लवलेश कुमार पांडेय की असामयिक मौत से शिक्षकों, कर्मचारियों में जबर्दस्त आक्रोश है। कर्मचारी और शिक्षक नेताओं ने कहा है कि वे लोग इस दुख की घड़ी में परिवार के साथ हैं और न्याय के लिए उनके साथ खड़े हैं।
चित्रकूट, अमृत विचार। जिला बेसिक शिक्षाधिकारी कार्यालय में कार्यरत लिपिक लवलेश कुमार पांडेय की असामयिक मौत से शिक्षकों, कर्मचारियों में जबर्दस्त आक्रोश है। कर्मचारी और शिक्षक नेताओं ने कहा है कि वे लोग इस दुख की घड़ी में परिवार के साथ हैं और न्याय के लिए उनके साथ खड़े हैं।
मूलरूप से पहाड़ी थानांतर्गत खरसेड़ा निवासी लवलेश कुमार पांडेय जिला बेसिक शिक्षाधिकारी कार्यालय में कनिष्ठ सहायक थे। उनके बेटे विनीत ने बताया था कि उनको 13 अक्टूबर को निलंबित किया गया था। उनके साथ ही एक अन्य लिपिक भी निलंबित हुआ था। विनीत का आरोप है कि उसके पिता बताते थे कि उस लिपिक को पैसा लेकर बहाल कर दिया गया, जबकि उनसे अधिकारी दो लाख रुपये की मांग कर रहे थे।
सक्षम अधिकारी बीएसए दो साल से पेंडिंग एश्योर्ड करियर प्रोग्रेसन (एसीपी) भी नहीं लगा रहे थे। विनीत ने इस संबंध में थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि मानसिक रूप से परेशान होने पर उसके पिता की तबीयत खराब हो गई और प्रयागराज में इलाज के दौरान उनकी गुरुवार को मौत हो गई।
विनीत का आरोप है कि बीएसए के दबाव और उत्पीड़न की वजह से ही उसके पिता की जान गई है। उधर, इस संबंध में बीएसए लवप्रकाश यादव ने आरोपों को निराधार बताते हुए शराब की वजह से बीमार होने और फिर मौत होने की बात कही थी। लिपिक की असामयिक मौत से शिक्षकों और कर्मचारियों में जबर्दस्त नाराजगी और आक्रोश पनप रहा है।
इनका कहना है कि न्याय के लिए मृतक का परिवार जहां जाएगा, वे उसके साथ खड़े हैं। प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अखिलेश कुमार पांडेय ने कहा कि यह प्रताड़ना का अकेला मामला नहीं है। इसमें तो लिपिक की मौत हो गई, इसलिए मामला सामने आ गया। बताया कि चित्रकूट ब्लाक में एक प्रधानाध्यापक हैं, जो ट्राइसाइकिल से विद्यालय जाते हैं, दो साल से उनका चयन वेतनमान स्वीकृत नहीं हुआ।
आरोप लगाया कि बीएसए आफिस में बिना पैसे लिए काम नहीं होता। इस संबंध में हर अधिकारी और जनप्रतिनिधि को बताया जा चुका है। तानाशाही है, क्या किया जा सकता है। समान आदेशों में भेदभाव किया जा रहा है। बताया कि ऐसे भी मामले में है कि एक ही दिन में प्रत्यावेदन मिलने के बाद उसी दिन बहाली हुई और कई मामले सालों से लंबित है।
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष अजय कुमार पांडेय ने बताया कि वह भी पीड़ित परिवार के साथ हैं। रविवार को मृतक लिपिक के परिजनों से मिलेंगे और फिर आगे की रणनीति बनाई जाएगी। जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई के लिए हर संभव कोशिश करेंगे।
भारतीय जनता युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष विकास उर्फ हीरो मिश्रा ने कहा कि उन्होंने पीड़ित परिवार से मिलकर सांत्वना दी है। इस संबंध में मुख्यमंत्री को भी मामले की जानकारी दी जाएगी और दोषी अधिकारी पर कार्रवाई कराई जाएगी। उन्होंने बीएसए की कार्यशैली पर भी सवालिया निशान लगाए। आरोप लगाया कि संस्पेंशन, बहाली वेतन लगाने आदि में पैसा लिया जा रहा है।
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