मुरादाबाद: एंटीजन छड़ी ने दिखाया जादू, बढ़े संक्रमित पर घटी मृत्यु दर

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Edited By Amrit Vichar
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मुरादाबाद। कोरोना काल में स्वास्थ्य विभाग की एंटीजन छड़ी इस कदर घूमी की आंकड़ों के जादू ने अफसरों की बड़ी चिंता छूमंतर कर दी। इस जिले के स्वास्थ्य अधिकारियों को शासन स्तर पर बढ़ती मौत के कारण जो बार बार सफाई देनी पड़ती थी, वह कुछ कम हो गई। कमाल की बात यह है कि …

मुरादाबाद। कोरोना काल में स्वास्थ्य विभाग की एंटीजन छड़ी इस कदर घूमी की आंकड़ों के जादू ने अफसरों की बड़ी चिंता छूमंतर कर दी। इस जिले के स्वास्थ्य अधिकारियों को शासन स्तर पर बढ़ती मौत के कारण जो बार बार सफाई देनी पड़ती थी, वह कुछ कम हो गई। कमाल की बात यह है कि यह राहत उन्हें तब मिल गई, जब लगातार मौत के आंकड़े संख्या बढ़ा रहे थे।

दरअसल एंटीजन किट से शुरू हुई जांच के बाद जो संक्रमितों का आंकड़ा बढ़ा, उसके आगे बढ़ती मौत के आंकड़े भी छिपने लगे। इस जादूगरी के बाद आंकड़ों की तैयार हुई नई तस्वीर ने अधिकारियों के चेहरे से काफी सिकन गायब कर दी। आंकड़ों की इस तस्वीर में मृत्यु संख्या हर महीने बढ़ी पर मृत्यु दर घटती चली गई।

रैपिड एंटीजन किट से कोरोना की जांच स्वास्थ्य विभाग के लिए कई तरह से राहत साबित हुई है। इस किट से जांच शुरू होने से एक दिन में जांच का आंकड़ा दो हजार से तीन हजार तक पहुंच गया। साथ ही किट की फौरन रिजल्ट के कारण आरटीपीसीआर पर कुछ दबाव कम हुआ। इससे स्वास्थ्य विभाग का खर्च भी घटा। यही नहीं, जिले में छिपे संक्रमितों को बाहर निकालने में भी इस किट ने विभाग का काफी साथ दिया। एंटीजन किट से जांच शुरू होने के बाद से ही सौ के औसत से प्रतिदिन केस दर्ज किए गए। इन सब राहतों के अलावा जो सबसे बड़ी समस्या इस विभाग की कम हुई, वह मौत की बढ़ती संख्या के आगे जवाब देही की। दरअसल इस किट के कारण मौत के आंकड़े कम तो नहीं हुए, लेकिन संक्रमितों के बढ़ते आंकड़ों ने मौत के आंकड़ों को इतना बौना कर दिया कि अब उसपर अधिकारियों को मिलने वाली टेंशन कम हो गई है।

संक्रमित बढ़ते गए और घटती गई मृत्यू दर
महीना संक्रमित मौत प्रतिशत
जून 525 29 5.5
जुलाई 1534 37 2.4
अगस्त 3164 43 1.4
सितंबर 2289 19 0.8

जून में सबसे ऊपर था मुरादाबाद, सितंबर में सबसे कम हुई मृत्यु दर
जून में मुरादाबाद में मृत्यु दर साढ़े पांच प्रतिशत थी। बाकी जिलों में मुरादाबाद सबसे ऊपर था। इस जिले के बाद मृत्यु दर मामले में दूसरे स्थान पर बिजनौर दो प्रतिशत, संभल में 1.9, अमरोहा में 1.2 और सबसे कम रामपुर में 0.8 प्रतिशत थी। सितंबर में आंकड़े बदल गए। इस महीने में 1.5 प्रतिशत के साथ बिजनौर सबसे ऊपर, उसके बाद संभल 1.3, रामपुर 1.0 और अमरोहा व मुरादाबाद 0.8 प्रतिशत के साथ सबसे नीचे है। यह आंकड़े इसलिए नहीं बदले कि मौत कम हुई। इन चारों महीनों में मुरादाबाद जिले में बाकी सभी जिलों के मुकाबले संक्रमितों की मौत सबसे अधिक रही है। लेकिन एंटीजन किट की जांच में संक्रमितों की संख्या में जो बढ़ौत्तरी हुई, उसने मृत्यु दर को कम कर दिया।

मंडल में बढ़ी मौत पर घटती गई दर
मंडल के पांचों जिलों के आंकड़ों की बात की जाए तो एंटीजन किट का जादू इन आंकड़ों पर भी खूब नजर आया। जून में 1716 संक्रमित के सापेक्ष 47 मौत दर्ज की गई। मृत्यु दर 2.7 रही। अगस्त में मौत 72 हो गईं पर संक्रमितों की संख्या 3976 होने से प्रतिशत घटकर 1.8 हो गया। अगस्त में मौत की संख्या 88 रही और दर 1.1 हो गई। बीस सितंबर तक के दर्ज हुए आंकड़ों के अनुसार इस महीने मृत्यु दर घटकर एक प्रतिशत रह गई।

 

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