बरेली: रामगंगा नदी के किनारे 130 हेक्टेयर में जंगल बसाने की तैयारी
बरेली, अमृत विचार। जिस सोच के साथ क्यारा क्षेत्र के मांझा गांव में 130 हेक्टेयर भूमि पर जंगल बसाने की कवायद चल रही है, वह सोच धरातल पर उतरी तो इसका लाभ शहर के लोगों को भी मिलेगा। बड़े भू-भाग पर जंगल तैयार होने के बाद दूषित हो रही आबो-हवा को शुद्ध करने में मदद …
बरेली, अमृत विचार। जिस सोच के साथ क्यारा क्षेत्र के मांझा गांव में 130 हेक्टेयर भूमि पर जंगल बसाने की कवायद चल रही है, वह सोच धरातल पर उतरी तो इसका लाभ शहर के लोगों को भी मिलेगा। बड़े भू-भाग पर जंगल तैयार होने के बाद दूषित हो रही आबो-हवा को शुद्ध करने में मदद मिलेगी। मांझा में सदर तहसील की नवीन परती और रेतीली भूमि पर जंगल बसाया जाएगा। यह भूमि रामगंगा के किनारे है। वन विभाग इस भूमि पर पौधे रोपने के साथ करीब तीन साल तक पौधों की खाद-पानी लगाकर परवरिश भी करेगा।
पौधे बड़े होने के बाद यह भूमि सदर तहसील के सुपुर्द की जाएगी। इस भूमि पर करीब 50 साल से कब्जा चला आ रहा था। शासन ने पौधरोपण कराने के लिए वन विभाग को भूमि उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन को निर्देश दिए, तब एसडीएम सदर ईशान प्रताप सिंह ने राजस्व रिकार्ड में सरकारी भूमि की खतौनियों की पड़ताल कराई।
जिसमें कैंट थाना क्षेत्र के मांझा गांव के पास करीब 189 हेक्टेयर भूमि होने की बात सामने आई। एसडीएम सदर और तहसीलदार सदर ने मौका मुआयना किया, तब भूमि पर फसल लहलहाती मिली। कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद एसडीएम सदर ने अपनी निगरानी में भूमि खाली कराई। इधर, भूमि सुपुर्दगी में मिलने के बाद वन विभाग ने पौधे रोपने के लिए गड्ढे बनवाने की तैयारी शुरू कर दी है। सूत्र बताते हैं कि 130 हेक्टेयर भूमि में गड्ढे बनवाने में ही एक माह से अधिक समय गुजर जाएगा। कई लाख रुपये खर्च होने की बात कही जा रही है।
कई दिनों तक चली भूमि की पैमाइश
राजस्व निरीक्षक राकेश चंद्र सक्सेना ने टीम के साथ जाकर भूमि की पैमाइश कराई। कई दिनों तक पैमाइश चली। इस दौरान एक लेखपाल की तबीयत भी खराब हो गई। भूमि का काफी हिस्सा रेतीला है। गर्मी में इसकी पैमाइश कराने में टीम को दिक्कतें हुईं। भूमि की निगरानी करने के लिए तीन लेखपालों की टीम तैनात की गई है। करीब 59 हेक्टेयर की जो भूमि शेष बची है। उसे अभी वन विभाग के सुपुर्द नहीं किया है। इसमें से कुछ हिस्सा अभी किसानों के कब्जे में है। जिस किसान के पास भूमि के कागजात हैं, वह तहसील सदर आकर उन्हें दिखा सकता है। राजस्व निरीक्षक कहते हैं कि आंवला तहसील क्षेत्र में भी जंगल बसाने को वन विभाग को जमीन दी गई है। उस पर जंगल तैयार हो रहा है।
“मांझा में करीब 130 हेक्टेयर भूमि खाली कराकर वन विभाग के सुपुर्द कर दी गई है। इस भूमि पर वन विभाग पौधे रोपेगा। यहां जंगल बसाने की तैयारी की जा रही है। जो भूमि शेष है। उसको भी खाली कराएंगे।“–आशुतोष गुप्ता, तहसीलदार सदर
