हल्द्वानी: बनभूलपुरा में खुफिया फेल, पुलिस भांप नहीं पाई माहौल

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Edited By Amrit Vichar
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हल्द्वानी, अमृत विचार। हुआ वही जिसका अंदेशा था, लेकिन पुलिस, खुफिया और इंटेलीजेंस बनभूलपुरा के माहौल को भांप नहीं पाई। न तो पुलिस ने फोर्स का इंतजाम किया था और न ही अपने बचाव का हुआ। कहासुनी से शुरू हुआ विरोध देखते-देखते पथराव और आगजनी में तब्दील हो गया। फिर जैसे ही शाम ढली तो पुलिस को अपनी ही जान बचाने के लाले पड़ गए। 

मलिक का बगीचा में बने अवैध मदरसा और मस्जिद को ध्वस्त करने की कार्रवाई बीती 28 जनवरी से शुरू हो गई थी और तब भी मुसलमानों ने विरोध किया। एक नोटिस का हवाला देकर तब प्रशासन कार्रवाई रोक दी थी, लेकिन मस्जिद और मदरसे को सील कर दिया। इसके खिलाफ भी मुस्लिम महिलाओं ने मोर्चा खोल दिया था और नमाज और दुआ शुरू कर दी थी।

इन सबके बीच जिला पुलिस ने क्षेत्र में खुफिया और इंटेलीजेंस को एक्टिव कर दिया था। क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया था। इधर, जब नोटिस का निस्तारण किया गया और यह साफ हो गया कि जिस जमीन पर मस्जिद और मदरसा बना है वो नजूल की जमीन है। जिसके बाद टीम ध्वस्तीकरण के लिए मलिक का बगीचा पहुंच और वो भी आधी-अधूरी तैयारी के साथ। पुलिस के पहुंचते ही वहां विरोध शुरू हो गया। पहले जुबानी और फिर मुस्लिमों ने पथराव और आगजनी शुरू कर दी। 

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