बरेली: फलों और सब्जियों से हटा मंडी शुल्क, राहत की उम्मीद

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बरेली,अमृत विचार। कोरोना काल में प्रदेश सरकार ने फलों एवं सब्जियों पर लिया जाने वाला मंडी शुल्क हटा दिया है। इससे जहां मंडी प्रशासन को लाखों के राजस्व का नुकसान होगा, वहीं व्यापारियों एवं जनता को राहत मिलने की उम्मीद भी बढ़ी है। मंडी शुल्क कम होने से सब्जियों के दामों में भी कुछ कमी …

बरेली,अमृत विचार। कोरोना काल में प्रदेश सरकार ने फलों एवं सब्जियों पर लिया जाने वाला मंडी शुल्क हटा दिया है। इससे जहां मंडी प्रशासन को लाखों के राजस्व का नुकसान होगा, वहीं व्यापारियों एवं जनता को राहत मिलने की उम्मीद भी बढ़ी है। मंडी शुल्क कम होने से सब्जियों के दामों में भी कुछ कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है।

डेलापीर फल-सब्जी मंडी में लगभग 450 व्यापारियों से मंडी समिति प्रति कारोबारी डेढ़ फीसदी मंडी शुल्क वसूलती है। इस हिसाब से सालाना करीब 75 लाख रुपए का मंडी शुल्क मिलता था। नए आदेश के बाद यह राजस्व नहीं मिलेगा। ऐसे में मंडी अधिकारी राजस्व का लक्ष्य पूरा करने की नई योजना बनाने में लग गए हैं। वहीं, दूसरी तरफ आढ़ती इसका फायदा ग्राहकों को दे सकते हैं। फल एवं सब्जियों की कीमतों में करीब डेढ़ फीसदी कमी होने से ज्यादातर फल एवं सब्जियों की कीमत में एक से डेढ़ फीसदी तक की कमी हो सकती है। हालांकि, यह व्यापारियों पर निर्भर करेगा कि वे जनता को कितनी राहत देते हैं।

चेकिंग का अधिकार भी छिना
मंडी शुल्क खत्म होने से मंडी समिति के अधिकारी मंडी के बाहर कृषि उत्पादों को पकड़कर उनसे भी जुर्माना नहीं वसूल सकेंगे। उन्हें अब यह कार्रवाई मंडी की चहारदीवारी के भीतर ही करनी होगी। पहले अधिकारी जनपद की सीमा से बाहर जाने वाले अनाज, फल, सब्जी आदि को बिना मंडी शुल्क दिए ले जाने पर कार्रवाई करते थे। पकड़े जाने पर मंडी शुल्क के साथ जुर्माना भी वसूला जाता था। इससे प्रति माह लाखों रुपए का राजस्व प्राप्त होता था लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।

“कोरोना काल में सरकार ने फलों एवं सब्जियों से मंडी शुल्क हटाकर व्यापारी हित में अच्छा निर्णय लिया है। इससे व्यापार को निश्चित तौर पर बढ़ावा मिलेगा। शासन इसके लिए बधाई का पात्र है।”–अफताब, फल व्यापारी

“प्रदेश सरकार ने जनता के हित में मंडी शुल्क समाप्त करने का फैसला लिया है। इसे कारोबार में तेजी आएगी। व्यापारियों को तो राहत मिलेगी ही, कीमतें कम होने से आम जनता को भी लाभ मिलेगा।” –शुजाउर रहमान, अध्यक्ष, फ्रूट एसोसिएशन

“शासन के निर्देश पर फल और सब्जी के व्यापार से मंडी शुल्क दिया गया है। इसके स्थान पर सेवा शुल्क और यूजर चार्ज वसूला जाएगा। वह भी तक जब मंडी में क्रय-विक्रय होगा।” -अनिल कुमार, सचिव कृषि उत्पादन मंडी समिति

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