गोंडा: मनकापुर कोतवाल पर गिरी गाज, जमीन विवाद में एकतरफा कार्रवाई पर एसपी ने किया निलंबित
शिकायत की जांच में दोषी पाए जाने पर एसपी ने की कार्रवाई
गोंडा, अमृत विचार। जमीन की खरीद फरोख्त को लेकर एक तरफा कार्रवाई करना मनकापुर कोतवाल को भारी पड़ गया। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस अधीक्षक की जांच में दोषी पाए जाने पर एसपी ने कोतवाल को निलंबित कर दिया है।
मनकापुर कोतवाली क्षेत्र के शेखपुरवा गांव के रहने वाले मोहम्मद शाद व मालू के बीच मकान की खरीद फरोख्त को लेकर विवाद चल रहा था। आरोप है कि कोतवाल ने मामले में एकतरफा कार्रवाई करते हुए मो शाद पर गलत तरीके से दबाव बनाया और उसे दिन भर थाने पर बैठा रखा। बाद में उसका शांति भंग में चालान कर दिया गया।
आरोप है कि उसके घर में घुसकर तोड़फोड़ भी की गयी। पुलिस से छूटने के बाद मो शाद ने पुलिस अधीक्षक से मिलकर पूरी बात बताई। एसपी ने सीओ मनकापुर से मामले की जांच करायी तो कोतवाल पर लगे आरोप सही पाए गए। सीओ की जांच रिपोर्ट पर एक्शन लेते हुए एसपी विनीत जायसवाल ने शनिवार को मनकापुर कोतवाल राजकुमार सरोज को निलंबित कर दिया है। उनके स्थान पर अभी किसी की तैनाती नहीं की गयी है।
पुलिस पर घर में घुसकर तलाशी लेने और तोड़फोड़ करने का आरोप
मनकापुर के शेखपुरवा गांव के मालू और मो शाद के बीच मकान खरीदने बेचने को लेकर विवाद है। मो शाद का कहना है कि उसने गांव के ही मालू व वसीम को जमीन खरीदने के लिए 3.50 लाख रुपये दिए थे, लेकिन दोनों ने उसे जमीन का बैनामा नहीं किया। जब उसने रुपये वापस मांगा तो पहले दोनों ने आनाकानी की लेकिन बाद में उसके रुपये उसके बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिए।
रुपये लौटाने के बाद मालू ने उल्टे उस पर ही रुपये हड़पने का आरोप लगा दिया और पुलिस ने मिलकर उस पर नाजायज दबाव बनवाया। मालू के कहने पर पुलिस जबरन उसके घर में घुस गयी और तोड़ फोड़ की। उसे दिन भर थाने में बैठाए रखा और उसे टॉर्चर किया गया। बाद में उसका शांति भंग में चालान कर दिया गया।
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