बरेली: सामूहिक विवाह में धांधलेबाजी को लेकर शासन सख्त, अब तीन स्तर पर होगी जांच...फिर माने जाएंगे पात्र

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सांकेतिक फोटो

बरेली, अमृत विचार: बलिया जनपद में सामूहिक विवाह में धांधली सामने आने के बाद शासन सख्त हो गया है। पात्रता के लिए अब आवेदक की तीन स्तर पर जांच होगी। जांच के लिए सचिव, एडीओ के साथ हर ब्लॉक में एक जिला स्तरीय अधिकारी को नोडल नामित किया जाएगा। शासन ने इस संबंध में आदेश जारी किया है।

दरअसल, गरीब बेटियों के हाथ पीले कराने को सरकार मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना चला रही है। इसमें आर्थिक रूप से कमजोर परिवार की बेटियों की शादी पर 51 हजार रुपये खर्च किए जाते हैं। इसमें कन्या के खाते में 35 हजार रुपये भेजने के साथ-साथ 10 हजार रुपये का उपहार दिया जाता है। इसके अलावा शादी समारोह पर छह हजार रुपये खर्च होते हैं।

फरवरी के पहले सप्ताह में बलिया जनपद में सामूहिक विवाह में धांधली पकड़ी गई। कई फर्जी जोड़ों को योजना का लाभ देने का पता चलने पर शासन में खलबली मच गई। आगे इस तरह से धांधली की गुंजाइश न रहे इसके लिए आवेदनों का सत्यापन तीन स्तर पर करने का निर्णय लिया गया है।

जिला समाज कल्याण अधिकारी मीनाक्षी वर्मा का कहना है कि बलिया की घटना को लेकर शासन गंभीर है। जिले में पिछले महीने 20 और 21 जनवरी को सामूहिक विवाह हुए थे। ऑनलाइन आवेदनों का भौतिक सत्यापन किया जाएगा। कुछ जिलों में हाल ही में सामूहिक विवाह होने हैं। वहां खासतौर पर इसको लेकर कवायद चल रही है।

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