हरदोई: बोर्ड की परीक्षा देते हुए पकड़ा गया मुन्नाभाई, छोटे भाई की जगह पर बड़ा भाई दे रहा था परीक्षा
हरदोई। निकल विहीन परीक्षा कराने के तमाम दावों के बीच बोर्ड परीक्षा के पहले ही दिन छोटे भाई की जगह पर उसका बड़ा भाई मुन्नाभाई बन कर हिंदी की परीक्षा देते हुए दबोच लिया गया। इसका पता होते ही सरकारी अमलें में हड़कंप मच गया। वहां पहुंचे एसपी केशव चन्द्र गोस्वामी ने सारे मामले की गहराई से छानबीन की।
बताया गया है कि बिलग्राम कोतवाली के जरौली नेवादा निवासी मानूस पुत्र अनवारुल ने 10 वीं की बोर्ड परीक्षा में शामिल होने के लिए आरएल स्कूल साण्डी से फार्म दाखिल किया था।आरएल स्कूल का सेंटर साण्डी के ही नीभापुर के दीनानाथ बीपी इण्टर कालेज पहुंचा।
गुरुवार को 10 वीं की हिंदी की परीक्षा शुरु हुई। उस बीच वहां पहुंचें चेकिंग बैच ने परीक्षा कक्ष मेंं परीक्षा दे रहे एक परीक्षार्थी से उसका नाम पूछा तो उसने अपना नाम यूनुस बताया,उसके प्रवेश-पत्र पर फोटो भी दूसरा चस्पा हुआ था।
उसका कहना था कि वह अपने छोटे मानूस की जगह पर परीक्षा दे रहा था। उसे पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया गया।बोर्ड परीक्षा मे मुन्नाभाई के पकड़े जाने का पता होते ही सेंटर पर हड़कंप मच गया। वहीं एसपी श्री गोस्वामी भी वहीं पहुंच गए। उन्होंने परीक्षा देते हुए पकड़े गए युवक से ज़रूरी पूछताछ की।
हवा के साथ हवा हो गए सारे दावें
सरकार ने नकल विहीन बोर्ड परीक्षा कराने का ज़बरदस्त दावा किया था। उस दावे को सच साबित करने के लिए सरकारी अमला रात-दिन जुटा रहा। लेकिन पहले ही दिन मुन्नाभाई के पकड़े जाने से सरकार के सारे दावे हवा के साथ हवा हो गए। इसे ले कर लोगों के बीच तरह-तरह की बातें हो रहीं है।
कई चेहरें हो सकते है बे-नकाब !
आखिर नकल विहीन बोर्ड परीक्षा की कैसी तैयारी की गई थी ? लोगों का कहना है कि जब प्रवेश-पत्र पर मानूस का फोटो चस्पा था और उसका भाई यूनुस परीक्षा देने पहुंचा,तो उसे प्रवेश कैसे मिल गया ? इसके लिए केन्द्र व्यवस्थापक को ज़िम्मेदार माना जा रहा है और कहा जा रहा है कि अगर सही से सारे मामले की जांच की जाए तो कई के चेहरे बे-नकाब हो सकते है।
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