Kannauj: BSA दफ्तर में रिश्वत के आरोपी बाबू को भेजा जेल...एंटी करप्शन टीम के निरीक्षक ने दर्ज कराया मुकदमा
कन्नौज में बीएसए दफ्तर में रिश्वत के आरोपी बाबू को भेजा जेल
कन्नौज, अमृत विचार। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में शिक्षक से रिश्वत लेने के आरोप में एंटी करप्शन टीम द्वारा पकड़े गए लिपिक को शुक्रवार सुबह लखनऊ स्थित कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
एंटी करप्शन टीम के निरीक्षक ने सदर कोतवाली में लिपिक के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत मुकदमा दर्ज कराया है। उसके पास से तलाशी में हजारों रुपये और महत्वपूर्ण दस्तावेज भी बरामद हुए हैं।
एंटी करप्शन टीम कानपुर मंडल के प्रभारी निरीक्षक मृत्युंजय कुमार मिश्र ने बताया कि 26 फरवरी को कानपुर नगर के दामोदरनगर बर्रा निवासी शिक्षक अनुराग सिंह पुत्र स्व. भूमिराज सिंह यादव ने शिकायत की थी कि वह गुगरापुर ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय गौरीबांगर में सहायक अध्यापक पद पर तैनात हैं।
बेसिक शिक्षा विभाग में उनकी नियुक्ति 2020 में हुई है और 8 दिसंबर 2020 को इस विद्यालय में ज्वाइन किया था। नियुक्ति के बाद अप्रैल 2021 तक का वेतन विभाग ने नहीं दिया, जिस पर पूर्व बीएसए कौस्तुभ कुमार सिंह ने 16 मार्च 2023 को खंड शिक्षा अधिकारी गुगरापुर को वेतन एरियर के रूप में भुगतान करने के आदेश दिए।
दिसंबर माह तक वेतन प्राप्त नहीं हुआ तो 5 दिसंबर 2023 को उसने बीईओ गुगरापुर को प्रार्थना पत्र दिया, जिस पर उन्होंने बिल लिपिक विमल पांडेय को निर्देश दिए। 18 दिसंबर 2023 को उसने दोबारा बीएसए से शिकायत की। जनवरी 2024 में वह लिपिक से फिर मिला तो उन्होंने 20 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी।
लिपिक ने पहले 10 हजार रुपये और भुगतान होने के बाद फिर 10 हजार रुपये लेने की शर्त रख दी। शिक्षक की शिकायत को संज्ञान में लेकर एंटी करप्शन टीम के इंस्पेक्टर सुशील पाराशर से जांच कराई गई तो मामला सही पाया गया और इसी आधार पर बाबू को रंगे हाथ पकड़ने की रणनीति तैयार की गई।
आरोपी वरिष्ठ लिपिक जनपद मैनपुरी के थाना एलाऊ अंतर्गत ग्राम हबेलिया रतनपुर बरा का रहने वाला है और पिछले कई साल से बीएसए कार्यालय में तैनात है।
रुपयों पर लगा दिया गया था फिनॉफ्थेलिन पाउडर
निरीक्षक के मुताबिक बाबू को देने के लिए रुपयों के ऊपर फिनॉफ्थेलिन पाउडर लगा दिया गया था। सभी रुपयों के नंबर पहले ही नोट कर लिए गए थे। बीएसए कार्यालय के कक्ष संख्या आठ में लिपिक विमल पांडेय ने जैसे ही इन रुपयों को गिना तो उसे दबोच लिया गया है। कोतवाली लाकर उसके हाथ सोडियम कार्बोनेट व साबुन से धुलवाए गए तो वह गुलाबी रंग के हो गए।
सिर खुजलाते ही टीम ने लिपिक को दबोचा
एंटी करप्शन टीम ने शिक्षक अनुराग सिंह को इशारा पहले ही बता दिया था। बाबू को रुपये देने के बाद जैसे ही शिक्षक ने सिर खुजलाया तो वहां मौजूद टीम के अधिकारियों व कर्मचारियों ने उसे दबोच लिया। इस दौरान अपर जिलाधिकारी आशीष कुमार सिंह ने दो गवाह बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी के कनिष्ठ सहायक श्रीकांत यादव व सारणीयक मनीष कुमार को भेजा था। ये लोग भी टीम के साथ बीएसए कार्यालय में मौजूद थे।
शिक्षक ने लिपिक के पैर छूकर दी थी रिश्वत
एफआईआर में उल्लेख किया गया है कि शिक्षक अनुराग सिंह ने लिपिक विमल पांडेय के पहले पैर छुए और एरियर के बाबत बात की। उसने रुकने का इशारा किया। जब बीएसए उपासना रानी वर्मा चली गईं तो 20 मिनट बाद बाबू ने शिक्षक को हाथ से इशारा कर बुलाया। उसी दौरान एंटी करप्शन टीम के लोग कक्ष के बाहर खड़े हो गए। शिक्षक ने जैसे ही जेब से केमिकल लगे नोट लिपिक को दिए तो टीम ने उसे पकड़ लिया और गाड़ी में डालकर कोतवाली ले आए।
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