Ayodhya fraud: कोर्ट के आदेश के बाद भी पुलिस पर रिपोर्ट दर्ज नहीं करने का आरोप, जानिए क्या है पूरा मामला  

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Edited By Amrit Vichar
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विदेश भेजने के नाम पर 1 लाख 59 हजार ठगी का मामला, तारुन पुलिस से कोर्ट ने तलब की आख्या 

अयोध्या, अमृत विचार। विदेश भेजने के नाम पर धोखाधड़ी के सहारे एक लाख 59 हजार रुपये हड़पने के मामले में न्यायालय के आदेश के बावजूद रिपोर्ट दर्ज न करना थाना तारून पुलिस को महंगा पड़ गया। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय बलराम दास ने पीड़ित पक्ष की अर्जी को गंभीरता से लेते हुए थानाध्यक्ष से आख्या तलब किया है। अगली तिथि 5 मार्च नियत की गई है। 

वादी मुस्ताक अहमद के अधिवक्ता मोहम्मद अहसान ने अदालत में आवेदन दिया था। प्रार्थना पत्र में कहा है कि न्यायालय के द्वारा 25 जनवरी को थाना तारुन की पुलिस को मामले में 7 दिन के अंदर रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश दिया था। थाना तारून की पुलिस द्वारा न तो कोई रिपोर्ट दर्ज की गई और ना ही किसी प्रकार की विवेचना ही की जा रही है।

आरोप है कि तारून थाना के आगागंज  निवासी मुस्ताक अहमद ने पासपोर्ट बनवाया था। इसी बीच उसका संपर्क पंकज निषाद  निवासी गोविंद थाना महरुआ जनपद अंबेडकर नगर से हुआ और पंकज निषाद घर आया और कहने लगा कि यदि तुम्हें विदेश जाना हो तो मेरी बुआ के लड़के पंकज कुमार उर्फ गोलू निवासी आजमगढ़  लोगों को विदेश भिजवाता है  तुम्हारा संपर्क उससे करवा दूंगा। पंकज निषाद ने उसे विदेश भिजवाने के नाम पर एक लाख 59 हजार रुपए जालसाजी के सहारे हड़प लिया।

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