बरेली: शहर से देहात तक गहराया बिजली संकट
बरेली, अमृत विचार। बिजली कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार के दूसरे दिन शहर से लेकर देहात तक में बिजली का संकट गहरा गया। मीरगंज में लाइन में दिक्कत होने से कस्बे में 15 घंटे से अधिक समय तक बिजली गुल रहने से लोगों को काफी दिक्क्तों का सामना करना पड़ा। साथ ही शहर में कई जगह …
बरेली, अमृत विचार। बिजली कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार के दूसरे दिन शहर से लेकर देहात तक में बिजली का संकट गहरा गया। मीरगंज में लाइन में दिक्कत होने से कस्बे में 15 घंटे से अधिक समय तक बिजली गुल रहने से लोगों को काफी दिक्क्तों का सामना करना पड़ा। साथ ही शहर में कई जगह लोकल फाल्ट होने की वजह से घंटों बिजली नहीं आई।
निजीकरण वापस न लेने पर जिले के बिजली कर्मचारी और अधिकारी कार्य बहिष्कार कर हड़ताल पर चले गए थे। मंगलवार को दूसरे दिन भी वह लगातार सर्किट हाउस के सामने बिजली विभाग के मुख्य अभियंता कार्यालय पर विरोध-प्रदर्शन करते रहे। मीरगंज कस्बे में मंगलवार सुबह चार बजे से लाइन में फाल्ट की वजह से देर शाम तक बिजली गुल रही। एसडीओ मीरगंज हरिओम पवार से बात की गई तो उन्होंने इसकी जानकारी होने से इंकार कर दिया। उनका कहना था कि वह हड़ताल पर थे जिसकी वजह से जानकारी नहीं दे पा रहे हैं।
वहीं, शहर के चौपुला, किशोर बाजार, बिहारीपुर, नावल्टी चौराहे, कुतुबखाना और अन्य जगह लोकल फाल्ट होने की वजह से घंटों तक बिजली नहीं आई। हालांकि, शिकायत के बाद संविदा कर्मचारियों ने फाल्ट को ठीक कर दिया। जिसके बाद क्षेत्र में बिजली की सप्लाई शुरू कर दी गई थी।
बिजली संकट टालने को प्रशासन ने संभाली थी कमान
बिजली अधिकारियों-कर्मचारियों की हड़ताल के चलते बिजली संकट से आमजन को बचाने के लिए जिला प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली थी। मंगलवार को दिनभर मंडलायुक्त रणवीर प्रसाद, डीआईजी राजेश कुमार पांडेय, जिलाधिकारी नितीश कुमार और उनके अधिकारी बिजली उपभोक्ताओं की समस्याओं का निस्तारण कराने के लिए व्यवस्था बनाने में जुटे रहे।
बिजली विभाग के 970 संविदा कर्मचारियों के सहयोग से बिजली आपूर्ति सुचारू कराने के लिए विभिन्न विभागों को जिम्मेदारी दी गई थी। वर्कशाप, स्टोर, डिस्ट्रीब्यूशन डिवीजन में अधिकारियों को तैनात करने के अलावा अन्य कार्यों की देखरेख के लिए औषधि, कृषि, ग्रामीण अभियंत्रण सेवा, शिक्षा, पंचायत, पशुपालन, समाज कल्याण विभाग समेत अन्य विभागों के अधिकारियों को लगाया गया था। जिलाधिकारी नितीश कुमार ने वर्कशाप में बतौर नोडल अधिकारी मनीष सोनकर, स्टोर में केएस राजपूत को नोडल अधिकारी बनाया था।
365 सरकारी अधिकारी-कर्मचारियों के वेतन का मीटर बंद
बिजली के निजीकरण का विरोध करते हुए आमजन की दिक्कतों को नजरअंदाज कर कार्य बहिष्कार करने वाले जनपद के 365 अधिकारियों-कर्मचारियों की सोमवार से अनुपस्थिति दर्ज की गयी है। दो दिन उनके वेतन का मीटर बंद रहा। हालांकि, मंगलवार को हड़ताल खत्म होने से वेतन का मीटर फिर चालू हो गया। बरेली जनपद में 318 सरकारी कर्मचारी और 49 अधिकारी हैं। इनमें से महज दो अधिकारी ही प्रशासन के साथ खड़े थे। हालांकि, 970 संविदा कर्मचारी प्रशासन के सहयोग में दो दिन से व्यवस्था बनाने में जुटे थे।
कार्यालयों में लटके रहे ताले, फरियादी लौटे निराश
बरेली। निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मियों के आंदोलन के चलते कार्यालयों पर दिनभर ताले लटके रहे। मंगलवार को दिनभर विभागीय कार्य न होने से जरूरी काम से पहुंचे उपभोक्ताओं को मायूस लौटना पड़ा। लोकल फाल्ट भी मुसीबत बने रहे। अधिकांश बिल संग्रह केंद्र और एसई, एक्सईएन कार्यालयों में पूरी तरह तालाबंदी रही।
स्थाई समाधान निकाले सरकार
देर शाम मुख्यालय स्तर पर समझौता होने के बाद कर्मचारियों ने आंदोलन वापस ले लिया। बुधवार को सभी कर्मचारी पहले की तरह कार्य करेंगे। आंदोलन समाप्त होने से लाखों उपभोक्ताओं ने राहत की सांस ली है। हालांकि देर शाम मुख्यालय स्तर पर समझौता होने के बाद कर्मचारियों ने आंदोलन वापस ले लिया। बुधवार को सभी कर्मचारी पहले की तरह कार्य करेंगे।
