Exclusive: यूरोप से हर हफ्ते मिल रहा इतने टन हरी मिर्च का ऑर्डर, किसानों को हो रहा भारी मुनाफा, 10 यूरो में बिक रही इतनी मिर्च...

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Edited By Amrit Vichar
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कानपुर, राजीव त्रिवेदी। खाड़ी देशों के बाद अब शहर की हरी मिर्च फ्रांस और जर्मनी में भी खानपान का स्वाद तीखा बना रही है। हर सप्ताह चार टन मिर्च दोनों यूरोपीय देशों को भेजी जा रही है। शहर से मिर्च का निर्यात सबसे पहले दुबई को किया गया गया था। 

इसके बाद ओमान, कुवैत में भी पतली तीखी मिर्च जाती रही है। हाल ही में मलेशिया के बाजार में भी शहर की मिर्च ने दस्तक दी है। अब फ्रांस और जर्मनी को शहर की हरी मिर्च का स्वाद भा गया है। शहर से हरी मिर्च का निर्यात सबसे पहले वर्ष 2016 में खाड़ी देशों को किया गया था। बीते साल दिसंबर में मिर्च का सैंपल फ्रांस और जर्मनी भेजा गया था। अब ऑर्डर मिलने के बाद निर्यात शुरू किया गया है। 

बड़ी ओवरसीज के एमडी कमलदीप सिंह ने बताया कि फ्रांस और जर्मनी के लिए हरी मिर्च की पहली खेप विगत दिनों मार्च के पहले भेजी गई है। अब ऑर्डर के तहत हर सप्ताह चार टन मिर्च जर्मनी और चार टन मिर्च फ्रांस भेजी जाएगी। निर्यात की जाने वाली ज्यादातर मिर्च शहर के आसपास से मंगवाई जा रही है। इससे मिर्च उगाने वाले किसानों को लाभ हो रहा है।

जी-4 मिर्च की मांग ज्यादा

विदेशों से सबसे अधिक मांग जी-4 मिर्च की होती र्है। यह मिर्च तीखी होने का पैमाना है। अंकों में संख्या में जितनी अधिक होती है मिर्च उतनी तीखी मानी जाती है। जी-4 मिर्च का आकार आम मिर्च से पतला होता है। इस मिर्च की मांग बढ़ने से बिठूर से सरसौल तक तमाम किसान इस मिर्च को खेतों में उगा रहे हैं।

10 यूरो की 4 किलो बिकती

शहर से निर्यात होने वाली मिर्च फ्रांस और जर्मनी में दस यूरो की चार किलो बिकती है। एक यूरो भारत के 90 रुपये के बराबर है। शहर से विदेश भेजी जाने वाली हरी मिर्च की खास पैकिंग की जाती है, ताकि मिर्च टूटे और खराब नहीं हो, बॉक्स खोले जाने पर ताजा बनी रहे।

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