बरेली: नगर निगम बोर्ड की बैठक में हंगामे के बीच 703 करोड़ का बजट पास, सफाई पर खर्च होंगे 40 करोड़
सरकारी आवासों में रहने वाले अफसरों के सीवर और वाटर टैक्स न देने पर आपत्ति
बरेली, अमृत विचार। नगर निगम बोर्ड की बैठक में सोमवार को लगभग 703 करोड़ का बजट पास हुआ। इस बीच जमकर हंगामे के बीच सफाई कर्मचारियों की हड़ताल पर तीखी बहस हुई। यह भी सवाल उठाया गया कि डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए पहले एक घर से 51 रुपये का शुल्क लिया जा रहा था जिसे बढ़ाकर अब 93 रुपये कर दिया गया है। सरकारी आवासों में रह रहे अफसरों के सीवर और वाटर टैक्स न देने पर भी आपत्ति की गई।
बैठक में साफ किया गया कि नगर निगम इस साल सफाई पर 40 करोड़ खर्च करेगा। इसके साथ हर वार्ड में 50-50 लाख रुपये के नए काम कराए जाएंगे। सपा के पार्षद राजेश अग्रवाल ने सरकारी आवासों में रहने वाले नगर निगम के अफसरों से सीवर और वाटर टैक्स की वसूली करने की मांग करते हुए डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन के चार्ज बढ़ाने पर आपत्ति की। इस पर सफाई दी गई कि इस बार रविवार को भी कूड़ा कलेक्शन किया जाएगा। यह भी बताया गया कि इस बार 12 करोड़ रुपये डोर टू डोर पर खर्च होंगे, 10.50 करोड़ रात में सड़कों पर झाड़ूू लगाने पर खर्च किए जाएंगे। तीस वार्डाें की सफाई पर 18 करोड़ खर्च होंगे। नाले की सफाई पर पांच करोड़ और डीजल पर 12 करोड़ का खर्च अलग होगा।
राजेश अग्रवाल ने निर्माण विभाग में बड़े पैमाने पर गोलमाल होने का आरोप लगाया। कहा, पिछले साल काम नहीं हुए, फिर भी निर्माण विभाग ने बजट का खर्च दिखा दिया। 25 मालियों की आउटसोर्सिंग पर आपत्ति के साथ उन्होंने प्रपत्र बी-1 की सूची में दर्शाए गए आंकड़ों को भी उन्होंने गलत बताया। मेयर ने इन आंकड़ों को दुरुस्त कराने का आश्वासन दिया।
आपस में भी भिड़ गए सपा के पार्षद
राजेश अग्रवाल जब डोर टू डोर मुद्दे पर बोल रहे थे तभी सपा के ही गौरव सक्सेना ने उन्हें बीच में टोकना शुरू कर दिया। इस पर राजेश ने कहा कि वह मेयर से अनुमति के बाद बोल रहे हैं, इसलिए किसी को टोकना नहीं चाहिए। मेयर उमेश गौतम ने इस पर गौरव अनुशासन बनाए रखने की चेतावनी दी।
नगर निगम को नुकसान पहुंचने वाले अफसरों पर कार्रवाई हो
पार्षद कपिलकांत ने कहा कि विज्ञापन से दो वर्ष में 10 फीसदी आय बढ़ाने की शर्त थी लेकिन इस मद में पांच करोड़ 50 लाख की ही आए दर्शाई गई है। वर्ष 2022-23 में फसल बहार की मद में शून्य आय दिखाने के लिए दोषी अफसर के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने वधशाला के शुल्क बढ़ाने की मांग भी रखी। इसके अलावा गृहकर में व्यावसायिक और आवासीय कर अलग करने की बात रखी।
सफाई कर्मियों के तबादलों के मुद्दे पर नगर आयुक्त ने पूछा- मेरे अधिकारों का क्या
बैठक में सफाई कर्मियों के धरने पर सपा के लोगों के आने और कर्मचारियों के तबादले के बदले पैसे लेने का मामला भी उठा। इसी मुद्दे पर चर्चा के दौरान नगर आयुक्त ने मेयर का वह पत्र पढ़कर सुनाया, जिसमें कहा गया था कि तीन दिन के लिए तबादला रोक दिया जाए। नगर आयुक्त ने इसके बाद सदन में सवाल उठाया कि मेयर के पत्र में तीन दिन की बात लिखी गई है, तीन दिन के बाद क्या किया जाए। उन्होंने अपने अधिकारों का भी मुद्दा उठाया। इस पर मेयर तल्ख हो गए। बोले, उनके पास शिकायत आई थी कि कर्मचारियों के तबादले के बदले 10 से 50 हजार रुपये की रिश्वत ली गई है। मनीष नाम का कर्मचारी स्वास्थ्य विभाग में बैठकर तबादले करा रहा है।
पूर्व मेयर सुप्रिया ऐरन पर एफआईआर हो
सफाईकर्मियों के धरने के मुद्दे पर ही बहस के दौरान मेयर ने कहा कि सपा के लोग सफाईकर्मियों के धरने में पहुंचे थे। भाजपा के लोग जब धरने पर बैठते हैं तो उनके खिलाफ रिपोर्ट होती है। पार्षद छंगामल ने पूर्व मेयर सुप्रिया ऐरन के धरने में शामिल होने पर एफआईआर कराने की मांग की। इस पर सपा पार्षद दल के नेता गौरव सक्सेना और छंगामल के बीच तीखी बहस भी हुई।
सदन में सीनियर और जूनियर के बीच सम्मान नहीं
बैठक का समापन तनावपूर्ण माहौल में हुआ। पार्षदों में बैठक के बाद भी चर्चा चलती रही कि अब सदन में जूनियर और सीनियर के बीच सम्मान की बात नहीं रह गई। कुछ पार्षद सदन में सिर्फ चेहरा दिखाने आते हैं, कभी चर्चा में भाग नहीं लेते लेकिन सीनियर पार्षद की कुर्सी खाली मिलते ही उस पर बैठने से नहीं हिचकते। यह भाजपा और सपा दोनों के सदस्यों में है। सबसे वरिष्ठ सतीश कातिब सोमवार को पीछे बैठे। उनकी जगह नए पार्षद काबिज हो गए थे। पिछली बैठक में सपा के ही सदस्य ने राजेश अग्रवाल की सीट पर बैठ गए थे। तब उन्हें भाजपा के सदस्यों ने अपनी तरफ बैठाया था। सतीश कातिब ने बताया कि आगे बैठने वाले सदस्यों को चर्चा में भाग लेने की भी आदत डालनी चाहिए।
ये प्रस्ताव हुए पारित
- हर वार्ड में पार्षद 50-50लाख के नए काम करा सकेंगे।
- रोड कटिंग की मद में जमा पैसे से सड़क बनाई जाएगी।
- नगर निगम परिसर में 15 दिन में महिला शौचालय बनेगा
- नाला सफाई का स्वास्थ्य और निर्माण विभाग का बजट अलग-अलग होगा
कुछ मदों का बजट बढ़ाया है तो कुछ का घटाया भी है। कर्मचारियों के तबादले पर रिश्वत लेने की शिकायत मेरे पास आई थी। नगर निगम में भ्रष्टाचार नहीं चलने दिया जाएगा। बजट 700 करोड़ से पार हो गया है। शहर में काम ही काम दिखाई देंगे। - उमेश गौतम, मेयर
शहर के विकास के लिए बजट पास हुआ है। शहर के साथ वार्डों में भी अब तेजी काम होगें और जनता की शिकायतें दूर हो सकेंगी। - निधि गुप्ता वत्स, नगर आयुक्त
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