Bareilly News: टिकट पक्के नहीं... लेकिन मुकाबला चालू

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। चुनाव में उतरने से पहले ही भाजपा और इंडिया के टिकट के दावेदारों को सियासी शह और मात के दौर से गुजरना पड़ रहा है। बरेली में आठ बार सांसद रह चुके संतोष गंगवार को टिकट के लिए जोर लगाना पड़ रहा है। 

उधर, बदायूं और पीलीभीत में भी भाजपा सांसदों के समर्थकों को हाईकमान के निर्णय का इंतजार भारी पड़ रहा है। इंडिया की ओर से बदायूं और बरेली में उम्मीदवार घोषित किए जा चुके हैं लेकिन फिर भी उसका नेतृत्व इन दोनों सीटों पर भाजपा उम्मीदवारों की घोषणा पर नजर जमाए हुए हैं।

राजनीतिक हल्कों में इस बात की गंभीर चर्चा है कि बदायूं, बरेली, आंवला और पीलीभीत में अभी चुनाव की अंतिम तस्वीर साफ नहीं हुई है। सबसे ज्यादा कशमकश पीलीभीत सीट पर है जहां बुधवार से नामांकन प्रक्रिया शुरू होने जा रही है लेकिन पहली दो लिस्टों में भाजपा ने अपने मौजूदा सांसद वरुण गांधी को उम्मीदवार घोषित नहीं किया है। 

कुछ समय पहले तक महंगाई, बेरोजगारी और किसान आंदोलन जैसे मुद्दों पर विपक्ष के सुर में सुर मिलाने के बाद वरुण अब कुछ समय से शांत हैं लेकिन पार्टी हाईकमान का उनकी इस बयानबाजी पर अब तक रुख साफ नहीं हुआ है। कहा जा रहा है कि पीलीभीत में भाजपा के टिकट की घोषणा के साथ ही यह साफ होगा कि उनके अपनी ही पार्टी के नेतृत्व को चुनौती देने वाले इन बयानों को कैसे लिया गया।

बदायूं की सांसद संघमित्रा को भाजपा ने 2019 में उस वक्त टिकट दिया था, जब उनके पिता स्वामी प्रसाद मौर्य भी भाजपा में ही थे लेकिन विधानसभा चुनाव 2022 से ऐन पहले वह सपा में शामिल हो गए थे और अब अलग पार्टी बना चुके हैं। इस बीच हिंदू धर्म विरोधी उनके बयान काफी चर्चा में रहे हैं, इसलिए संघमित्रा के टिकट पर भी बहुत आश्वस्त करने वाली स्थिति नहीं है।

पीलीभीत से पीडब्ल्यूडी मंत्री जितिन प्रसाद और बदायूं से डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के नाम इस बीच काफी चर्चा में रहे हैं, लेकिन हाईकमान का अंतिम फैसला क्या होगा, इसका सटीक अनुमान जताने की स्थिति में पार्टी का भी कोई नेता फिलहाल नहीं है।

बरेली में संतोष गंगवार के साथ ऐसा कोई विवाद तो नहीं है लेकिन उनकी उम्र और दूसरे दावेदारों के दावों के साथ आठ बार के सांसद होने के बावजूद पहली दो सूचियों में उनका नाम न होने से असमंजस पैदा हो गया है। उनके समर्थकों में बेचैनी इसलिए कुछ ज्यादा है क्योंकि जिले की ही दूसरी सीट से सांसद धर्मेंद्र कश्यप को पार्टी ने फिर प्रत्याशी घोषित कर दिया है। शाहजहांपुर जहां चौथे चरण में चुनाव होना है, वहां भी पार्टी ने उम्मीदवार घोषित कर दिया है।

उधर, इंडिया गठबंधन ने भी पीलीभीत और शाहजहांपुर की सीटें खाली छोड़ी हुई हैं। कहा जा रहा है कि पीलीभीत में उसे भाजपा का प्रत्याशी घोषित होने का इंतजार है। इसके अलावा इंडिया का नेतृत्व इस पर भी निगाह जमाए हुए है कि बदायूं से संघमित्रा को भाजपा दोबारा टिकट देती है या नहीं। यह भी दावा किया जा रहा है कि बरेली मंडल में इंडिया के नेतृत्व ने अपनी रणनीति अभी अंतिम रूप से तय नहीं की है, लिहाजा यह अभी कहना मुश्किल है कि मंडल की पांचों सीटों पर चुनाव की अंतिम तस्वीर क्या होगी।

संतोष दिल्ली में, आज तीसरी लिस्ट जारी होने की संभावना
सांसद संतोष गंगवार अधिसूचना जारी होने से पहले ही पूरे दमखम से चुनाव की तैयारी में जुटे हुए थे, लेकिन बुधवार को पार्टी हाईकमान की ओर से तीसरी लिस्ट जारी किए जाने की संभावनाओं के बीच अब वह दिल्ली पहुंच गए हैं। इससे पहले सोमवार को लिस्ट जारी होने की संभावना जताई जा रही थी, लेकिन सोमवार के बाद मंगलवार का भी दिन ऐसे ही गुजर गया। बताया जा रहा है कि बरेली से टिकट के कुछ और दावेदार भी दिल्ली में जमे हुए हैं।

दिक्कत... वरुण और संघमित्रा चुनाव तो जरूर लड़ेंगे 
पीलीभीत में वरुण गांधी और बदायूं में संघमित्रा के टिकट पर भाजपा हाईकमान की ओर से अभी कुछ भी ऐसा नहीं जताया गया है जिससे कोई अनुमान लगाया जा सके लेकिन दोनों के समर्थकों के बीच यह खबर जोरों पर है कि भाजपा से टिकट मिले न मिले, दोनों चुनाव जरूर लड़ेंगे। 

वरुण के पीलीभीत से ही चुनाव लड़ने को पक्का बताया जा रहा है तो संघमित्रा के बारे में क्षेत्र बदलकर किसी और मौर्य वोटर बहुल सीट से भी चुनाव में उतरने की संभावना जताई जा रही है। बता दें कि बदायूं के पड़ोस में आंवला भी मौर्य बहुल सीट हैं। इंडिया नेतृत्व की ओर से आंवला से नीरज मौर्य को प्रत्याशी घोषित किया गया है।

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